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दुनिया

पहली बार सैन्य अभ्यास करेंगे पाकिस्तान और रूस

रूस और पाकिस्तान पहली बार संयुक्त युद्धाभ्यास करने जा रहे हैं. अमेरिका के साथ रिश्तों में खटपट के बाद पाकिस्तान नया सैनिक साझेदार खोज रहा है.

पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक दोनों देशों के 200 सैनिक इस साल के अंत में होने वाले युद्धाभ्यास में हिस्सा लेंगे. शीत युद्ध के समय सोवियत संघ और पाकिस्तान एक दूसरे के दुश्मन थे, लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं. वॉशिंगटन से रिश्ते बिगड़ने के बाद पाकिस्तान हथियारों के लिए मॉस्को की तरफ देख रहा है.

मॉस्को में तैनात पाकिस्तान के राजदूत काजी खलीलुल्लाह के मुताबिक पहली बार हो रहे युद्धाभ्यास को "फ्रेंडशिप 2016" नाम दिया गया है. रूसी समाचार एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा, "इससे साफ पता चलता है कि दोनों पक्ष रक्षा और सैन्य-तकनीकी सहयोग बढ़ाना चाहते हैं."

(ये हैं हथियारों के सबसे बड़े खरीदार)

मई 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार गिराया. अमेरिकी अधिकारियों को पूरा शक है कि पाकिस्तानी सेना ने लादेन को छुपाया था. लादेन की मौत के बाद से ही पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में खटास है. हाल ही में अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान को अत्याधुनिक एफ-16 लड़ाकू विमान बेचने से मना कर दिया. पाकिस्तान अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन से 8 एफ-16 विमान खरीदना चाहता था. अमेरिका से सौदे से इनकार के बाद इस्लामाबाद जॉर्डन से यह विमान खरीदने की कोशिश कर रहा है.

वॉशिंगटन के कड़े रुख के चलते अब पाकिस्तान अमेरिका विरोधी धड़े रूस की तरफ बढ़ रहा है. दक्षिण एशिया की राजनीति में यह बड़ा बदलाव है. बीते डेढ़ दशकों में भारत और अमेरिका के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं. लंबे अरसे तक सिर्फ रूस से हथियार खरीदने वाला भारत अब अमेरिका, इस्राएल और दूसरे पश्चिमी देशों से भी बड़े पैमाने पर हथियार खरीद रहा है.

(साथ मिलकर क्या क्या करेंगे भारत और अमेरिका)

भारत की विदेश नीति में आते बदलाव का असर पाकिस्तान और रूस की विदेश नीति पर भी दिख रहा है. अगस्त 2015 में रूस और पाकिस्तान ने मॉस्को में एक संधि पर हस्ताक्षर किये, जिसके तहत दोनों देश आपसी सहयोग बढ़ाएंगे. बीते डेढ़ साल में पाकिस्तान की थल, नौ और वायुसेना के प्रमुखों ने रूस का दौरा किया है. दोनों देशों के बीच हो रही उच्च स्तरीय वार्ता में लड़ाकू हेलीकॉप्टर एमआई-35 का सौदा भी हो सकता है. पाकिस्तान रूस से सुखोई एसयू-35 फाइटर जेट भी खरीदना चाहता है.

रूस और पाकिस्तान के रक्षा संबंधों का असर मॉस्को और नई दिल्ली के रिश्तों पर भी दिखाई पड़ेगा. शीत युद्ध के समय अमेरिका और भारत एक दूसरे के विरोधी थे, लेकिन आज वे दोस्त बन गए हैं, वहीं पाकिस्तान और रूस की शत्रुता भी अब मित्रता में बदल रही है. साझेदार भले ही बदल जाएं लेकिन दक्षिण एशिया में हथियार जुटाने की होड़ खत्म नहीं हो रही है.

ओएसजे/एमजे (पीटीआई)

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