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जर्मन चुनाव

पश्चिम बंगाल में भी मतदान

बहुचर्चित शारदा चिटफंड घोटाले के साये और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच कांटे की टक्कर के माहौल में पश्चिम बंगाल के अंतिम और पांचवे चरण में 17 लोकसभा सीटों के लिये कल मतदान होगा.

अंतिम चरण में राज्य की कुल लोकसभा सीटों में से लगभग 40 फीसदी सीटों के लिये मतदान होने वाला है. इन सीटों के परिणाम राज्य में बड़ा उलटफेर कर सकते हैं. साल 2009 के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने 17 में से 14 सीटों पर विजय दर्ज कराई थी. वाम मोर्चा को दो सीटें और कांग्रेस को केवल एक सीट मिल पाई थी. राज्य में अंतिम चरण का चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस चरण में राज्य की बहरामपुर, कृष्णानगर, राणाघाट, बनगांव, बैरकपुर, दमदम, बारासात, बसिरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हर्बर, जाधवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर, तामलुक, कांथी तथा घाटल लोकसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं. इस चरण में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी, बंगाली फिल्मों के मशहूर सितारे देव, भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राहुल सिन्हा, पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सौगत राय और सुदीप बंदोपाध्याय, सहित कई अन्य नेताओं और जादूगर पी सी सरकार की किस्मत का फैसला होने वाला है. इन 17 सीटों पर कुल 188 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.

चुनाव के लिये कुल 37670 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि अंतिम चरण के मतदान की निगरानी के लिये 17 और विशेष पर्यवेक्षक तैनात किये हैं ताकि मतदाताओं का भरोसा बढ़ाया जा सके.

इन चुनावों में शारदा चिट फंड घोटाले का साया छाया रहा. उच्चतम न्यायालय की ओर से इस घोटाले की सीबीआई से जांच का निर्देश दिये जाने के बाद तो माहौल और गर्मा गया. राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस इस घोटाले की सीबीआई जांच का विरोध करती रही है.

इस बीच कल देर रात 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकताओं के बीच हिंसक झड़प हो गयी जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस ने इस संबंध में पांच लोगों को गिरफतार किया है लेकिन इनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है.

एएम/एमजी (वार्ता)

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