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दुनिया

पश्चिम के लिए आईएस से भी बड़ा खतरा

इस्लामिक स्टेट के आतंकवाद पर फिलहाल पूरी दुनिया का फोकस है. लेकिन अमेरिका का मानना है कि अल कायदा का एक अनजान संगठन इससे भी बड़ा और ताजा खतरा है.

पिछले कई हफ्तों के दौरान आईएस (इस्लामिक स्टेट) हिंसा और खुद पर हो रहे हवाई हमले से खबरों में है. लेकिन अमेरिका ने इस संघर्ष में अल कायदा के एक अनजान गुट पर भी हमला किया. अधिकारियों का दावा है कि खोरासान नाम का ये गुट पश्चिम के लिए ताजा और बड़ा खतरा है.

पेंटागन के मुताबिक अल कायदा की शाखा खोरासान ग्रुप अमेरिका और ऐसे यूरोपीय देशों पर हमला करने की पूरी योजना बना चुका था. गुट का अगुवा 33 साल का मोहसिन अल फादहली है जो ओसामा बिन लादेन का काफी नजदीकी साथी रहा है. हो सकता है कि हवाई हमलों में उसकी मौत हो गई हो.

अमेरका ने मंगलवार रात को भी सीरिया में आईएस के ठिकानों पर हमले किए. अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बेन रोड्स ने बताया, "खोरासान गुट से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के अल कायदा गुट जुड़े हुए हैं जो सीरिया पहुंचे हैं. हम इस पर महीनों से नजर रखे थे कि अमेरिका या पश्चिमी देशों के खिलाफ साजिश रचने की योजना सीरिया में बुनी जा रही है."

इस आतंकी गुट पर अमेरिका काफी समय से निगरानी रखे हुए था और उसके मुताबिक यह अल कायदा के लड़ाकों का गुट है, जिन्हें अफगानिस्तान और पाकिस्तान में लड़ाई का भी अनुभव है. खोरासान सीरिया में अल कायदा के नजदीकी कहे जाने वाले गुट नुसरा फ्रंट के साथ भी जुड़ा हुआ है.

इस्लामिक स्टेट ने इराक और सीरिया की सीमा से लगे कई इलाकों कब्जे में कर लिया है. यह बहुत उग्र और क्रूर संगठन के तौर पर सामने आया है. लेकिन पश्चिमी अधिकारियों का मानना है कि आईएस सीरिया और इराक से बाहर पश्चिमी देशों के लिए उतना बड़ा खतरा नहीं है. लेकिन खोरासान गुट का लक्ष्य सिर्फ अमेरिका और यूरोप में धमाके करना है.

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने लिखा है, "ये अल कायदा के अनुभवी लड़ाके हैं जिन्होंने सीरिया में सुरक्षित जगह बना ली, जहां वह बाहरी देशों पर हमले करने की योजना बना सकें और जोड़ तोड़ कर बनाए गए विस्फोट करने वाले उपकरणों की जांच कर सकें साथ ही बाहरी अभियानों के लिए पश्चिमी लड़ाकों की भर्ती कर सकें."

हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी नहीं दी है कि खोरासान किस तरह के हमलों की योजना बना रहा था. उन्होंने बस इतना कहा कि हमला "जल्द ही" होने वाला था.

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में खुफिया मामलों की समिति के अध्यक्ष माइक रॉजर्स ने बताया कि गुट विमान गिराने का षडयंत्र रच रहा था. उन्होंने कहा, "उनकी वह इच्छा (विमान पर हमला करने की) खत्म नहीं हुई है. इसका मतलब है कि मामला गंभीर है. उनके पास इसके लिए क्षमता, धन और लोग सब हैं और ये सब काफी खतरनाक है."

एएम/ओएसजे (रॉयटर्स, एपी, डीपीए)

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