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विज्ञान

पर्यावरण परिवर्तन से बढ़ेगी पथरी

पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है. इस वजह से न सिर्फ गर्मी बढ़ रही है बल्कि खतरा है कि आने वाले समय में गुर्दे में पथरी के मामले बढ़ेंगे. पिछले 30 साल में इनमें तेजी से वृद्धि हुई है. बचने का तरीका क्या है?

गर्मी में ज्यादा पसीना निकलने से शरीर डीहाइड्रेट हो जाता है, यानि शरीर में पानी की कमी हो जाती है. जैसे जैसे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है, डीहाइड्रेशन की संभावना को दूर नहीं रखा जा सकता. डीहाइड्रेशन गुर्दे में पथरी की मुख्य वजह है. रिसर्चरों का कहना है कि पर्यावरण परिवर्तन के कारण आने वाले समय में इस तरह के मामलों में और वृद्धि हो सकती है.

इंवायरमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव्स पत्रिका में छपी रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में अटलांटा, शिकागो, डलास, लॉस एंजेलिस और फिलाडेल्फिया में जब रिसर्चरों ने शोध किया तो तेज गर्मी और गुर्दे में पथरी के 60,000 मरीजों के बीच कड़ी जुड़ी. फिलाडेल्फिया के डॉक्टर ग्रेगरी टेसियन ने इस रिसर्च में मुख्य भूमिका निभाई. उनके अनुसार, "हमने पाया कि जैसे जैसे हर दिन तापमान बढ़ता है अगले 20 दिनों में गुर्दे में पथरी की समस्या से जूझने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि की संभावना बढ़ती जाती है."

गर्मी में बढ़ता पथरी

उन्होंने रिसर्च के इन सभी इलाकों में तापमान की वृद्धि के प्रभाव का अध्ययन किया. तापमान 10 डिग्री सेल्सियस बढ़ने पर लॉस एंजेलिस के अलावा सभी इलाकों में गुर्दे में पथरी का खतरा बढ़ गया. इसके बाद उन्होंने औसत दैनिक तापमान 10 और 30 डिग्री के बीच अध्ययन किया. तापमान बढ़ने पर अटलांटा में 38 फीसदी और शिकागो में 37 फीसदी पथरी का ज्यादा खतरा पाया गया. इसी तरह डलास में 37 फीसदी और फिलाडेल्फिया में 47 फीसदी खतरा बढ़ा हुआ पाया गया. लॉस एंजेलिस में गर्म दिनों में 11 फीसदी वृद्धि पाई गई.

साथ ही रिसर्चरों ने पाया कि अटलांटा, शिकागो और फिलाडेल्फिया में बेहद सर्द मौसम का भी पथरी की बीमारी से संबंध है. शायद इसलिए कि ऐसे मौसम में लोग ज्यादातर घर में दुबके रहते हैं और उनकी शारीरिक गतिविधि बहुत घट जाती है.

क्या करें उपाय

गुर्दे में पथरी तब होती है जब मूत्र में कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है. ऐसे में शरीर में पानी की कमी से समस्या बढ़ती है. पथरी की समस्या से बचने के लिए जरूरी है कि शरीर में पानी की कमी न होने दी जाए. दिन में जितना हो सके पानी पीना चाहिए.

अमेरिका की करीब 10 फीसदी आबादी गुर्दे में पथरी की परेशानी से जूझ रही है. पुरुषों में यह बीमारी महिलाओं के मुकाबले ज्यादा है. टेसियन ने कहा, "ये परिणाम इशारा करते हैं कि पर्यावरण परिवर्तन से हमारे स्वास्थ्य को भारी नुकसान हो सकता है." 20वीं सदी के मुकाबले इस सदी में तापमान बढ़ा है और लगातार बढ़ता जा रहा है. जानकारों के मुताबिक पिछले 30 साल में गुर्दे में पथरी की समस्या बहुत तेजी से बढ़ी है.

एसएफ/एजेए (एएफपी)

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