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दुनिया

पर्यावरण और डिजीटलाइजेशन के लिए 30 अरब यूरो

यूरोपीय संघ पर्यावरण, डिजीटलाइजेशन और सुरक्षा जैसे विषयों पर शोध के लिए 30 अरब यूरो से ज्यादा खर्च करेगा. हाल ही में यूरोपीय नेताओं ने आने वाले सालों के लिए इन मुद्दों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है.

यूरोपीय आयोग के कमिसार कार्लोस मोएदस ने कहा है कि यूरोपीय संघ का आयोग भविष्य के मुद्दों के लिए तय 30 अरब यूरो के बजट को लक्षित रूप से पर्यावरण, डिजीटलाइजेशन और सुरक्षा से संबंधित रिसर्च पर खर्च करेगा. इस फैसले के साथ यूरोपीय आयोग यूरोपीय नेताओं के शिखर सम्मेलन द्वारा तय मुद्दों को अपने काम में शामिल कर रही है. यह बजट होराइजन 2020 प्रोग्राम का हिस्सा है जिसके माध्यम से यूरोपीय संघ 2020 तक कुल 77 अरब यूरो के रिसर्च प्रोग्रामों को मदद दे रहा है.

पर्यावरण, डिजीटलाइजेशन और सुरक्षा ऐसे मुद्दे हैं जो आने वाले सालों में यूरोपीय सरकारों की सबसे बड़ी चुनौती होंगे. इन विषयों पर रिसर्च को प्रोत्साहन देकर यूरोपीय आयोग उनसे मिलने वाली वैज्ञानिक जानकारी का इस्तेमाल नये बाजारों तक पहुंचने और नये रोजगार बनाने में करना चाहता है.

2020 तक सबसे ज्यादा 3.3 अरब यूरो की धनराशि ग्रीनहाउस गैस कार्बन डायऑक्साइड की बचत तथा जलवायु परविर्तन से सुरक्षा के लिए होने वाले शोध पर की जाएगी. करीब 1.7 अरब यूरो का खर्च डिजीटलीइजेशन रिसर्च पर होगा. नये बाजारों के निर्माण के लिए यूरोपीय स्तर पर एक शोध परिषद की स्थापना होगी, जो बाजार के विकास में मदद करेगा और 2.7 अरब यूरो के बंटवारे का फैसला करेगा.

यूरोपीय आयोग के कमिसार मोएदस का कहना है कि यूरोपीय आविष्कारकों को स्प्रिंगबोर्ड की जरूरत है ताकि वे विश्व बाजार में प्रमुख स्थान पर पहुंच सकें और बाजार के अगुआ बन सकें. यूरोपीय संघ ने होराइजन 2020 के तहत चुनौती वाले सात क्षेत्र चुने हैं. इनमें स्वास्थ्य और आबादी परिवर्तन, पोषण और खाद्य सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण सुरक्षा, समरस और आविष्कारक समाज और आजादी और नागरिकों की रक्षा शामिल है.

एमजे/एके (डीपीए)

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