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विज्ञान

पदार्थ के "अनोखे राज" खोलने वालों को नोबेल

इस साल भौतिक शास्त्र का नोबेल ब्रिटेन में जन्मे तीन वैज्ञानिकों डेविड थोलेस, डंकन हैलडेने और माइकल कोस्टरलिट्स को दिया जाएगा. नोबेल कमेटी का कहना है कि उन्हें पदार्थ के "कई राज खोलने" के लिए पुरस्कृत किया जाएगा.

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंस ने अपने बयान में कहा है कि इन तीनों वैज्ञानिकों ने एक ऐसी अनोखी दुनिया में दाखिल होने का रास्ता दिखाया है जहां पदार्थ अनोखी अवस्थाएं ग्रहण करता है और अनोखे चरणों से गुजरता है. उनकी इन खोजों को "थियोरेटिकल डिस्कवरीज ऑफ टोपोलॉजिकल फेज ट्रांजिशन एंड टोपोलॉजिकल फेजिज ऑफ मैटर" नाम दिया गया है.

इनमें 82 वर्षीय थोलेस वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में मानद प्रोफेसर हैं जबकि 65 वर्षीय हैलडेन न्यूजर्सी की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में भौतिकी के प्रोफेसर हैं. 73 वर्षीय प्रोफेसर कोस्टरलिट्स भी रोड आइलैंड की ब्राउन यूनिवर्सिटी इन प्रोविडेंस में भौतिक शास्त्र पढ़ाते हैं. उनका ये शोध 1970 और 1980 के दशक में किया गया था. कई बार नोबेल समिति दशकों पहले हुए शोधों को भी सम्मानित करती है जिससे ये सुनिश्चित होता है कि वो शोध आज भी मान्य हैं.

भौतिक शास्त्र के नोबेल की घोषणा से पहले पहले सोमवार को जापान के योशिनोरी ओहसूमी को चिकित्सा क्षेत्र का नोबेल देने का एलान किया गया. उन्हें ये पुरस्कार कोशिश के क्षरण और फिर से बनने की प्रक्रिया का पता लगाने के लिए दिया जाएगा. अब बुधवार को रसायन शास्त्र के नोबेल विजेता के नाम की घोषणा होगी. इसके बाद आने वाले दिनों में शांति, साहित्य और अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम सामने आएंगे.

हर नोबेल पुरस्कार के साथ 80 लाख स्वीडिश क्रोनर यानी 9.3 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि, एक मेडल और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है. नोबेल पुरस्कार का वितरण दिसंबर में होता है.

रिपोर्ट: एके/वीके (एपी, रॉयटर्स)

 

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