पत्नी की नाक काटने पर तालिबान नाराज | दुनिया | DW | 22.01.2016
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दुनिया

पत्नी की नाक काटने पर तालिबान नाराज

अफगानिस्तान में पत्नी की छुरी से नाक काटकर फरार हुए पति की तालिबान ने आलोचना की है. घटना को गैर इस्लामी करार देते हुए तालिबान ने कहा वे पति की तलाश में हैं.

घटना से संबंधित तस्वीरें सोशल मीडिया पर आम होने के बाद निंदा के स्वर और तेज हो गए. 20 वर्षीय रजा गुल की नाक छुरी से काटने के बाद पति मुहम्मद खान भाग खड़ा हुआ. घटना अफगानिस्तान के फरयाब प्रांत के घोरमच जिले में हुई. यह इलाका मुख्य रूप से तालिबान के नियंत्रण में है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मुहम्मद खान तुर्कमेनिस्तान से लगी सीमा के पास के इलाके में भाग गया.

तालिबान के प्रवक्ता जबीह उल्लाह मुजाहिद ने एएफपी से कहा, "हम पति की तलाश कर रहे हैं और पता लगाना चाहते हैं कि किस बात ने उसे ऐसा कदम उठाने को उकसाया." स्थानीय तालिबान अधिकारी नूर मुहम्मद ने हमले को "गैर इस्लामी" बताया. महिलाओं को महत्वपूर्ण अधिकारों से वंचित रखने के लिए दुनिया भर से निंदा झेलने वाले तालिबान समूह की तरफ से मुहम्मद ने कहा कि वे इस घटना पर सख्त नाराज है. मुहम्मद ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा कि अगर खान मिल जाता है तो समूह उसके साथ क्या करेगा.

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से देश महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार और अन्याय के लिए दुनिया भर में बदनाम है. अफगान सरकार बार बार महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के दावे करती रही है लेकिन लगातार विफल होती नजर आई है. अफगानिस्तान के तालिबान नियंत्रित इलाकों में इस्लामी कट्टरपंथी ताकतें न्यायकर्ताओं की तरह व्यवहार करती हैं. गुल के मामले में पहले भी समूह ने घरेलू हिंसा के खिलाफ हस्तक्षेप किया था.

गुल की पांच साल पहले शादी हुई थी. तभी से लगातार उसके पति की गुल को पीटने की शिकायतें सामने आती रहीं. गुल ने एएफपी को बताया कि वह भाग कर अपने माता पिता के घर भी चली गई थी. उस समय तालिबान ने उसके बेरोजगार पति को कुरान की कसम खाने को मजबूर किया कि वह आगे से उसे नहीं पीटेगा. लेकिन जैसे ही वह वापस आई खान ने उसकी नाक काट दी.

गुल को फरयाब के अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसकी दो महीने की बच्ची भी है. फरयाब के प्रांतीय प्राधिकारी उसे सर्जरी के लिए तुर्की भेजने के इंतजाम कर रहे हैं. फरयाब के कार्यकारी स्वास्थ्य निदेशक मारूफ समर के मुताबिक, "तुर्की के अधिकारियों ने वादा किया है कि वे तुर्की में उसके इलाज में मदद करेंगे." सरकारी अधिकारी गुल का राष्ट्रीय पहचान पत्र और उसका पासपोर्ट बनवाने में मदद कर रहे हैं ताकि उसका जल्द इलाज हो सके.

एसएफ/ओएसजे (एएफपी)

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