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मनोरंजन

पतंग की उड़ान की तरह है काइट्स: रितिक

जोधा अकबर के ढाई साल बाद रितिक रोशन की नई फ़िल्म काइट्स रिलीज़ हुई. बेहद सुर्खियों में रहने वाली इस फिल्म को फिल्मी पंडित औसत ही बता रहे हैं. हमारी संवाददाता अंबालिका मिश्रा ने ख़ास बातचीत की काइट्स की पूरी टीम से.

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रितिक को लग रहा है कि काइट्स उनके अभिनय कैरियर में एक नया मोड़ ला चुकी है. उन्हें लगता है कि इससे पहले किया गया उनका काम उन्हें शायद एक तरह से इस फिल्म के लिए तैयार कर रहा था. उन्हें अपने अभिनय का विस्तार बढ़ाना पड़ा, पुराने अंदाज़ भूलकर नए अपनाने पड़े क्योंकि फिल्म बहुत विशेष है. रितिक कहते हैं, " मैं नहीं सोचता कि यह एक बॉलीवुड लव स्टोरी है. दिल से बनी, दिल को छूने वली फिल्म है जो किसी सीमा तक सीमित नहीं है."

कहा जा सकता है कि काइट्स लीक से हट कर बनाई गयी है. संवाद ही लें. प्रेमी युगल एक दूसरे की भाषा नहीं जनता है. हीरो हिंदी और अंग्रेज़ी बोलता है और हीरोइन स्पेनिश. फिल्म के निर्माता राकेश रोशन ने हीरोइन के पात्र में वास्तविकता लाने के लिए मेक्सिको की अभिनेत्री बारबरा मोरी को लिया. फिल्म की शूटिंग से पहले बारबरा अंग्रेज़ी का एक शब्द भी नहीं जानती थीं और न ही हिंदी फिल्मों से परिचित थीं.

ऐसे में उन्होंने काइट्स फिल्म क्यों ली? बारबरा बतातीं हैं, "मुझे कहानी बहुत अच्छी लगी. बहुत सुंदर कहानी है. दो इंसानों की कहानी जो एक दूसरे की भाषा नहीं जानते हुए भी एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं."

राकेश रोशन खुद एक निर्देशक हैं, लेकिन अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर देखने के बाद उनसे निर्देशन करने के लिए कहा. राकेश का कहना है, "फिल्म इंडस्ट्री में नए अभिनेताओं को तो लिया जाता है पर नए निर्देशकों, कैमरामैन को काम कम मिलता है" हालांकि अनुराग ने गैंगस्टर, मर्डर, और लाइफ इन ए मेट्रो जैसी फिल्में बनायीं हैं, परन्तु राकेश की यह फिल्म बसु के लिए भी पहली बड़े बजट की फिल्म है. अनुराग कहते हैं कि, ''बड़ा बजट फिल्म को बड़ा नहीं बनता, फिल्म बड़ी बनाती है अच्छे काम से. हां इतना जरूर है कि छोटे बजट में फिल्म बनाना कुछ कठिन होता है.''

Bollywood Schauspielerin Ashwarya Rai bei der Pemiere von Jodha Akbar

ढाई साल पहले आई थी जोधा अकबर

काइट्स एक्शन फिल्म नहीं बल्कि रोमांटिक फिल्म है यह अनुराग का मानना है. काइट्स नाम के पीछे भी एक कहानी है. अनुराग अपनी कहानी पर काम करते समय उसे एक प्रतीकात्मक नाम देते हैं " पतंगें आकाश मे उड़ते समय एक दूसरे के नज़दीक आती हैं, गले लगतीं हैं, एक दूसरे को काट सकती हैं. और उनकी डोर किसी और के हाथ होती है" इत्तेफाक से राकेश रोशन की सभी फिल्मों का नाम 'क' अक्षर से शुरू होता है इसलिए काइट्स नाम ही रखा गया.

फिल्म के दो भाषाओं में बनाई गई है. 9० मिनट की अंग्रेज़ी फिल्म जो अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के लिए बनाई गयी है, उसका निर्देशन रस आवर और एक्स मैन जैसी फिल्में बनाने वाले अमेरिकी निर्देशक ब्रेट रेट्नेर ने किया है. यह सवाल उठने लगे है कि क्या काइट्स के जरिए रितिक हालीवुड में प्रवेश कर रहे हैं, वह कहते हैं "मैं एक अभिनेता हूँ, अभिनय मेरा काम है. अगर मुझे एक अच्छी भूमिका मिले जिसमे मैं संवेदनशीलता से अपनी प्रतिभा इस्तेमाल कर सकूँ तो मैं वह फिल्म करना चाहूंगा. फिर वह फिल्म चाहे चीनी हो या हालीवुड की अथवा बॉलीवुड की"

उधर बारबरा मानती हैं कि उनके देश के लोग भी इस फिल्म को पसंद करेंगे क्योंकि इसमें वह सब है जो मैक्सिकन दर्शकों को पसंद है. एक्शन है, रोमांस है. ढ़ाई साल के बाद आयी अपनी फिल्म काइट्स के बारे मे रितिक रोशन को बहुत उम्मीदें हैं वह कहते हैं, "मेरी ढाई साल की मेहनत है. मेरा दिल है इसमें. मुझे इस फिल्म पर बहुत गर्व है.''

रिपोर्ट: अंबालिका मिश्रा, न्यूयॉर्क

संपादन: ओ सिंह

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