पठानकोट पहुंची पाकिस्तान जांच टीम पर बवाल | दुनिया | DW | 29.03.2016
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दुनिया

पठानकोट पहुंची पाकिस्तान जांच टीम पर बवाल

पाकिस्तान की टीम जांच के लिए पठानकोट तो पहुंची लेकिन कड़े विरोध के बीच. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अब टीम आगे क्या करती है, यह देखना अहम होगा.

पंजाब के पठानकोट वायुसैनिक अड्डे पर दो जनवरी को हुए आतंकवादी हमले की जांच के लिए पाकिस्तान का संयुक्त जांच दल जब वहां पहुंचा, तो कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की. इस कारण जांचदल को पीछे के दरवाजे से एयरबेस में दाखिला दिलाया गया. पांच लोगों की इस टीम को, जिसमें आईएसआई का एक अधिकारी भी शामिल है, एयरबेस में सीमित पहुंच ही दी गयी है. अधिकारियों ने बताया कि भारतीय टीम के साथ पाकिस्तानी टीम को एयरबेस में उस जगह पर ले जाया गया जहां 80 घंटों तक आतंकियों के साथ सेना की मुठभेड़ हुई. इसमें चार आतंकी और सात सुरक्षाकर्मियों की जान गयी थी.

जिस समय टीम अंदर अपनी जांच कर रही थी, उस समय एयरबेस के बाहर प्रदर्शनकारी काले झंडे लिए और हाथ में तख्तियां लिए सरकार के इस कदम की आलोचना कर रहे थे. पठानकोट में मौजूद आम आदमी पार्टी के कपिल मिश्रा ने इसे शर्मनाक और घिनौना कदम बताते हुए कहा, "जिन लोगों ने हमारे लोगों की जान ली, वही आज यहां आए हैं, यह शर्मनाक है. यह भारत माता की तौहीन है. हम मोदी सरकार को ऐसा नहीं करने देंगे."

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में काफी तीखे स्वर अपनाए हैं. आम आदमी पार्टी के अलावा कांग्रेस और शिव सेना ने भी बीजेपी पर नागरिकों की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है. यह पहली बार है कि पाकिस्तान की कोई टीम भारत में हुए आतंकी हमले की जांच करने यहां पहुंची है.

पठानकोट हमला प्रधानमंत्री मोदी की एकाएक हुई पाकिस्तान यात्रा के कुछ ही दिन बाद हुआ. जहां एक तरफ दोनों देशों के संबंधों में बेहतरी पर चर्चा शुरू हुई ही थी, वहीं पठानकोट हमलों ने एक बार फिर रिश्तों में खटास डाल दी. लेकिन पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने इस सिलसिले में जैश ए मोहम्मद से जुड़े कई आतंकियों को गिरफ्तार किया है और वह भारत के साथ मिल कर इसकी जांच में सहयोग देना चाहता है.

इसके विपरीत विपक्ष का आरोप है कि सरकार पाकिस्तान को ऐसे सुराग दिखा रही है, जिससे देश को भविष्य में और भी खतरा हो सकता है. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अब टीम आगे क्या करती है, यह देखना अहम होगा. पाकिस्तानी टीम 17 प्रत्यक्षदर्शी नागरिकों से भी पूछताछ करेगी.

आईबी/एमजे (पीटीआई, एपी)

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