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मनोरंजन

पटकथा अहम बड़े बैनर नहीं: राजीव खंडेलवाल

छोटे परदे से बड़े परदे पर कदम रखने वाले अभिनेता राजीव खंडेलवाल मानते हैं कि उनके लिए पटकथाओं की अहमियत किसी बड़े बैनर तले काम करने से ज्यादा है.

राजीव खंडेलवाल कहते हैं कि अब तक उनको किसी बड़े बैनर की फिल्मों में काम करने का प्रस्ताव नहीं मिला है. लेकिन इससे उनको कोई खास फर्क नहीं पड़ता. कोई भी फिल्म हाथ में लेने से पहले वह पहले उसकी पटकथा देखते हैं, उसके बाद बैनर. अपनी ताजा फिल्म सम्राट के प्रमोशन के सिलसिले में कोलकाता आए इस अभिनेता ने अपने अब तक के सफर, अनुभव और भावी योजनाओं के बारे में डॉयचे वेले के कुछ सवालों के जवाब दिए. पेश हैं उस बातचीत के मुख्य अंश

आपके सफर की शुरूआत कैसे हुई?

अभिनय तो हमेशा से मेरा सपना था. मैं बचपन से ही अभिनेता बनना चाहता था. कालेज में होने वाले आयोजनों में शिरकत करने के बाद मेरे भीतर आत्मविश्वास पैदा हुआ. काम की तलाश में जयपुर से दिल्ली पहुंचने के बाद शुरूआती दौर में बेहद निराशा हाथ लगी थी. लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी. बाद में मुंबई पहुंचा और विज्ञापन फिल्मों के बाद धीरे-धीरे धारावाहिकों में छोटे-मोटे रोल मिलने लगे.

छोटे परदे पर आपको दूसरे कलाकारों की अपेक्षा जल्दी ही कामयाबी मिल गई?

हां, इसे मेरी मेहनत, बेहतर पटकथा और संयोग कह सकते हैं. वैसे, दैनिक धारावाहिकों में काम करना फिल्मों के मुकाबले ज्यादा कठिन है.

आमिर फिल्म कैसे मिली?

अपने आखिरी शो लेफ्ट राइट लेफ्ट के बाद मुझे काम की तलाश थी. उसी समय किसी ने मुझे आमिर की पटकथा पढ़ने के लिए दी. यह मुझे इतनी पसंद आई कि मैं इस फिल्म को हाथ से नहीं जाने देना चाहता था. मुझे इसके लिए कोई स्क्रीन टेस्ट भी नहीं देना पड़ा. निदेशक अनुराग कश्यप और उनकी टीम ने मुझमें भरोसा जताते हुए अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया.

फिल्मों के चयन में किस बात को प्राथमिकता देते हैं, बेहतर पटकथा वाली फिल्म या फिर मसाला फिल्म?

मैं बेहतर पटकथा वाली फिल्म को अहमियत देता हूं. भले ही उसमें काम करने से वैसा नाम और दाम नहीं मिले. ऐसी फिल्मों का बजट भी सीमित होता है दर्शक वर्ग भी. लेकिन उसमें काम कर मैं अपने अभिनय क्षमता को निखार सकता हूं. मैं कलाकारों की भीड़ में खोने की बजाय अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहता हूं.

फिल्मों में कामयाबी के बाद क्या छोटे परदे पर लौटने का कोई इरादा है?

छोटा परदा तो मेरा पहला प्यार है. अगर कोई बढ़िया कहानी मिली तो मैं छोटे परदे पर जरूर काम करूंगा.

किसी खास अभिनेता के साथ काम करने की इच्छा?

मैं अमिताभ बच्चन के साथ किसी फिल्म में काम करना चाहता हूं.

और कोई खास अभिनेत्री?

अभिनेत्री काजोल के साथ भी किसी फिल्म में काम करने की मेरी दिली इच्छा है. वह एक शानदार अभिनेत्री हैं.

अब तक की सबसे पसंदीदा फिल्म?

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे. मैं इस फिल्म को दर्जनों बार देख चुका हूं.

खाली समय में क्या करते हैं?

बागवानी. मुझे बागान में फूलों और पौधों के बीच काम करना बेहद पसंद है.

भावी योजनाएं?

आगे फीवर नामक फिल्म आ रही है. इसमें तीन अभिनेत्रियों ने काम किया है जिनमें एक विदेशी है. इसमें मेरा अभिनय और लुक अब तक के किरदारों से एकदम अलग है.

रिपोर्ट: प्रभाकर, कोलकाता

संपादन: महेश झा

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