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दुनिया

न्यूयॉर्क की पहचान पर चिंता के साए

ब्रुकलिन ब्रिज पर अमेरिकी झंडा हटा कर सफेद झंडा लगा देने के मामले में विवाद और चिंता बढ़ती जा रही है. पुलिस किसी तरह मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है, जबकि कुछ लोग इसे मजाक कह कर नकारना चाहते हैं.

न्यूयॉर्क की पहचान अगर स्टैचू ऑफ लिबर्टी है, तो ब्रुकलिन ब्रिज भी कम मशहूर नहीं. आम तौर पर न्यूयॉर्क में शूट की गई फिल्मों में यह पुल जरूर दिखता है. हिन्दी फिल्मों में भी. इसी पुल के बीचों बीच अमेरिका के दो झंडे लगे हैं. पिछले दिनों किसी ने उन झंडों को हटा कर वहां सफेद झंडे लहरा दिए. रातों रात हुई इस घटना का पुलिस के पास कोई जवाब नहीं. सबसे बड़ी बात यह है कि कोई कैसे 84 मीटर ऊंची जगह पर चढ़ जाए और उस पर सुरक्षा एजेंसियों सहित किसी का ध्यान भी न जाए.

पास में ही ब्रुकलिन इलाके में रहने वाले बेन मिलर का कहना है, "मैं हर रोज इस पुल को पार कर काम पर जाता हूं. अब इस पुल की सुरक्षा के बारे में सोच कर डर लगता है. मैं उम्मीद करता हूं कि पुलिस ने इस घटना से सीख ली होगी और वह ज्यादा सतर्क होगी."

कोई निशानी नहीं

पुलिस ने इस घटना के बाद डीएनए के नमूने लिए हैं, मोबाइल फोनों के रिकॉर्ड जांच रही है और वीडियो कैमरों के फुटेज देख रही है. पुलिस कमिश्नर बिल ब्रेटन का कहना है, "बताने की जरूरत नहीं कि यह एक चिंता का विषय है, चाहे उद्देश्य जो भी हो. मैं इस घटना से खुश नहीं हूं." स्थानीय मीडिया ने कयास लगाया है कि यह या तो किसी कलाकार का काम है, या फिर कोई प्रैंक है.

लेकिन ब्रुकलिन बॉरो के अध्यक्ष एरिक एडम्स यह नहीं मानते, "अगर ब्रुकलिन ब्रिज के ऊपर सफेद झंडा लहराना किसी का चुटकुला है, तो मैं इस पर हंस नहीं सकता हूं. हम अपनी सार्वजनिक सुरक्षा को किसी के हवाले नहीं कर सकते हैं." अब चर्चा इस बात पर भी चल रही है कि क्या कहीं किसी आतंकवादी संगठन ने तो शहर की सुरक्षा का परीक्षण नहीं किया है.

इस पुल को 1883 में बनाया गया था और उस वक्त यह दुनिया का सबसे बड़ा सस्पेंशन ब्रिज था. आज यह शहर के सबसे व्यस्त रास्तों में है, जहां से रोजाना सवा लाख गाड़ियां, 3000 साइकिलें और 4000 पैदल यात्री गुजरते हैं. पुलिस ने घटना के बाद यहां की सुरक्षा बढ़ा दी है और घटना के बारे में कोई भी जानकारी देने वाले को 5000 डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है.

कौन हैं वे लोग

वीडियो फुटेज में चार पांच लोगों की पहचान न किए जाने लायक तस्वीर दिख रही है. उसके कुछ देर बाद इन झंडों पर पड़ने वाली लाइट गायब हो गई. बाद में पुलिस को पता चला कि बल्बों पर टिन प्लेट लगा दिया गया था.

हाल के दिनों में सुरक्षा की दूसरी खामियां भी सामने आई हैं. मार्च में 16 साल का एक छात्र सुरक्षा को तोड़ते हुए वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के एक टावर पर 104 तले तक पहुंच गया. न्यूयॉर्क में 9/11 के आतंकवादी हमले में ध्वस्त हुई दो इमारतों के बाद इस जगह पर नए निर्माण का काम चल रहा है. दो घंटे तक वह ऊपर रहा और नीचे आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया. पिछले सितंबर में तीन पैराशूटर डब्ल्यूटीसी की एक मीनार पर चढ़ गए और वहां से छलांग लगा दी. उन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया.

एजेए/एमजे (डीपीए)

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