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जर्मन चुनाव

नौ चरणों में होंगे लोकसभा चुनाव

भारत में चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान किया. मतदान अप्रैल और मई में नौ चरणों में होंगे. इस बार चुनाव में 81 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे. माना जा रहा है कि चुनाव में युवा वोटर निर्णायक मतदान करेंगे.

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने बहुप्रतिक्षित चुनावों की तारीखों का एलान किया. मतदान 7 अप्रैल से 12 मई तक नौ चरणों में कराए जाएंगे. मतगणना 16 मई को होगी. वर्तमान संसद का कार्यकाल मई के अंत में समाप्त हो रहा है. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनावों के पहले ओपिनियन पोल से इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी यूपीए सरकार चुनावों में सत्ता से बेदखल हो जाएगी.
मोदी बनाम राहुल
2014 के लोकसभा चुनाव में 81 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. सरकार और राजनीतिक दलों के लिए आदर्श आचार संहिता चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही प्रभाव में आ जाएगी. राजनीतिक पर्यवेक्षकों की भविष्यवाणी थी कि चुनाव आयोग कई चरणों में होने वाले चुनाव के लिए तारीखों का एलान इस हफ्ते के अंत में कर सकता है.
चुनाव के साथ ही एक राजनीतिक युग का अंत हो जाएगा क्योंकि 81 वर्षीय मनमोहन सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वे अगला कार्यकाल नहीं संभालना चाहते. ओपियन पोल के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी लोकप्रियता में सबसे आगे हैं. तेजी से सुस्त होती अर्थव्यवस्था और केंद्र सरकार पर एक के बाद एक लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से मतदाताओं में कांग्रेस की छवि खराब हुई है. पिछले दस साल से मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री हैं लेकिन नए नए घोटालों ने केंद्र सरकार के साथ कांग्रेस की छवि धूमिल की है.

Master.

मोदी पीएम पद की दौड़ में आगे नजर आ रहे हैं.


ओपियन पोल के मुताबिक गुजरात के मुख्यमंत्री और उग्र वक्ता मोदी को समर्थन तेजी से बढ़ते मध्य वर्ग से मिल रहा है. मोदी की छवि भ्रष्टाचार मुक्त और व्यापार के अनुकूल सरकार चलाने के तौर पर बनी है. लेकिन उन्हें बांटनेवाले नेता के तौर पर भी देखा जाता है, क्योंकि 2002 के गुजरात दंगों के दौरान वे हालात को काबू नहीं कर पाए. नरेंद्र मोदी हमेशा से दंगों में अपनी भूमिका पर लगे आरोपों को खारिज करते आए हैं.
मैदान में आप भी
कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी इस बार पार्टी की तरफ से जोरशोर से प्रचार कर रहे हैं. लेकिन वे मोदी के सामने बौने साबित हो रहे हैं. हालांकि कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का एलान नहीं किया है. कांग्रेस का कहना है कि पहले भी चुनाव के बाद ही सांसद प्रधानमंत्री चुनते हैं.
वहीं दिल्ली चुनाव से राजनीति में धमाकेदार एंट्री करने वाली आम आदमी पार्टी भी लोकसभा चुनाव के लिए जोरशोर से तैयारी कर रही है. पार्टी ने अपने कई बड़े नेताओं को अलग अलग संसदीय क्षेत्र से टिकट दिए हैं. ऐसा अनुमान है कि आप देश भर की तीन सौ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है.
एए/एमजे (पीटीआई, एपी)

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