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जर्मन चुनाव

नोबेल का असर, चीन में कहर

ओस्लो में आज नोबेल पुरस्कार दिए जाने की तैयारी हो रही है और असर चीन में दिख रहा है. सरकार से असहमति जताने वाले, इंटरनेट और मीडिया पर सरकारी कोड़े बरस रहे हैं. शांति पुरस्कार विजेता लिऊ शियाओबो की कुर्सी खाली रखी जाएगी.

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शियाओबो को पुरस्कार देने पर चीन की आपत्ति अब कार्रवाई में बदल गई है. देश के कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता गायब बताए जाते हैं. लिऊ की पत्नी लिऊ शिया के फ्लैट पर भी सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है. अक्टूबर में पुरस्कार का एलान होने के बाद से ही लिऊ शिया को ज्यादातर वक्त उनके फ्लैट में नजरबंद रखा गया है. पहले वह ट्विटर के जरिए लोगों से संपर्क बनाए हुए थीं लेकिन बहुत दिनों से ट्विटर पर भी उन्होंने कोई संदेश नहीं दिया है.

लिऊ को पुरस्कार मिलने पर गुस्साए चीन ने कई वकीलों, कार्यकर्ताओं और विद्वानों को देश न छोड़ने की चेतावनी दी है. माना जाता है कि चीन को डर है कि इनमें से कोई नॉर्वे में पुरस्कार समारोह में शामिल हो सकता है.

शुक्रवार को इनमें से ज्यादातर लोगों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया. ये लोग इंटरनेट या फोन के जरिए भी बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं कर पा रहे थे. बहुत सारे कार्यकर्ता राजधानी से बाहर चले गए हैं ताकि किसी तरह की परेशानी से बच सकें. बीजिंग में रहने वाले एक मानवाधिकार वकील ली फांगपिंग पर पिछले कई हफ्तों से निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने बताया कि वह मंगलवार को ही दक्षिण पश्चिमी प्रांत फूजियान चले गए. उन्होंने कहा, "पुलिस मुझे एयरपोर्ट तक ले गई. मुझे कहा गया है कि मैं देश छोड़कर न जाऊं. मुझे लिऊ या पुरस्कार के बारे में कुछ न बोलने के लिए भी कहा गया है."

चीनी मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स ने बताया कि एक अन्य कार्यकर्ता प्रोफेसर तेंग बियाओ को पुलिस ने एक क्लास पढ़ाने के बाद ही पकड़ लिया. उन्हें राजधानी बीजिंग के बाहर किसी जगह ले जाया गया है जहां उन्हें रविवार तक रखा जाएगा.

देश में कई विदेशी चैनलों पर भी पाबंदी लगा दी गई है. सीएनएन, बीबीसी और फ्रांसीसी टेलीविजन टीवी5 का प्रसारण शुक्रवार को बंद कर दिया गया. गुरुवार से ही इन चैनलों के साथ साथ नॉर्वे के सरकारी टीवी चैनल एनआरके की वेबसाइट पर जाने में भी मुश्किलें आ रही हैं.

सीएनएन के बीजिंग ब्यूरो चीफ जेमी फ्लोरक्रूज ने कहा, "सीएनएन.कॉम पूरी तरह बंद है. हमारे टीवी चैनल पर जब भी नोबेल पुरस्कार विजेता के बारे में कोई रिपोर्ट आई, स्क्रीन पूरी तरह ब्लैक आउट हो गई."

नोबेल कमेटी की वेबसाइट भी बंद कर दी गई है. पुरस्कार समारोह ओस्लो में शुक्रवार शाम को आयोजित होगा. लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता लिऊ या उनकी तरफ से कोई भी पुरस्कार लेने के लिए नहीं आएगा. नोबेल कमेटी ने कहा है कि लिऊ की कुर्सी खाली रखी जाएगी. यह चीन के रवैये के प्रति विरोध का एक संकेत होगा.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः ए कुमार

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