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दुनिया

नोटबंदी पर सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम

पश्चिम बंगाल और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने नोटबंदी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है. दोनों नेता चाहते हैं कि 500 और 1,000 रुपये के नोटों पर लगी पाबंदी वापस ली जाए.

उत्तर भारत की सबसे बड़ी सब्जी और फल मंडी आजादपुर में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा, "इतना बड़ा संकट तो इमरजेंसी के दौरान भी नहीं देखा गया." बनर्जी के मुताबिक 500 और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने के कारण देश 100 साल पीछे जा सकता है.

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा जुबानी हमला करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, "आप अर्थव्यवस्था के बारे में क्या जानते हैं? यहां लोग मर रहे हैं और वे इसे कालेधन पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक कहते हैं." नोटबंदी से नाराज तृणमूल की नेता ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह लोगों के साथ लाइन में खड़े हों, तब जाकर उन्हें जनता का दर्द समझ में आएगा. ममता बनर्जी से जब काले धन की बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह ब्लैकमनी के खिलाफ हैं लेकिन सरकार ने इससे निपटने के लिए जो तरीका अपनाया वह उससे सहमत नहीं.

मंच पर ममता बनर्जी के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी थे. नोटबंदी को आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए केजरीवाल ने कहा, "लोग 10 लाख करोड़ जमा करेंगे और मोदी जी अपने कॉरपोरेट मित्रों का आठ करोड़ का कर्ज माफ करते रहेंगे."

भारत में 8 नवंबर की रात 500 और 1,000 रुपये के नोटों पर बैन लगा दिया गया. नए नोटों के अभाव में देश भर में लोगों को भारी परेशानी हो रही है. हर जगह बैंकों और एटीएमों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. घंटों लाइन में लगने की वजह से अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है. इस बात का हवाला देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने तंज किया कि, "क्या मोदी जी के मुताबिक यही देशभक्ति है? इन लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है?"

(भारतीय रुपये का सफर)

आजादपुर मंडी में रैली करने के बाद दोनों नेता भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर से मुलाकात करने के लिए भी गए. इस बीच रिजर्व बैंक ने लोगों से अपील की है कि वे नकदी को जमा न करें. केंद्रीय बैंक ने एक बयान जारी कर कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक आज एक बार फिर साफ करना चाहता है कि नोटों की पर्याप्त सप्लाई जारी है क्योंकि दो महीने पहले उत्पादन बढ़ा दिया गया था. लोगों से अपील है कि वे खलबली की स्थिति में न आएं और मुद्रा नोटों को जमा न करें."

वहीं इस मुद्दे पर संसद के दोनों सत्रों में लगातार दूसरे दिन भी हंगामा हुआ. नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सफाई मांग रहा है. गुरुवार को संसद में सरकार ने ऐसी सफाई से इनकार कर दिया. सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैंकया नायडू के मुताबिक सदन के नियमों के मुताबिक बहस का जबाव या तो संबंधित विभाग के मंत्री देंगे या फिर सरकार की तरफ से कोई ओर देगा.

नोटबंदी के चलते हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने गुरुवार को कुछ नए एलान किये. फसल बुआई के मद्देनजर किसान अब हर हफ्ते 25,000 रुपये बैंक खाते से निकाल सकेंगे. शादी की तैयारियों में जुटे परिवार का एक व्यक्ति भी अपने बैंक खाते से एक बार में 2,50,000 रुपये निकाल सकेगा. लेकिन बैंक में पुराने नोट बदलवाने की सीमा में कटौती की गई है. शुक्रवार से एक व्यक्ति एक दिन में सिर्फ 2,000 रुपये की पुरानी मुद्रा बदलवा सकेगा. पहले यह लिमिट 4,500 थी. बैंक खाते से पैसा निकालने वाले की अंगुली में स्याही का निशान लगाने का फैसला जारी रखा गया है.

(नोटबंदी पर चुटकुलों की बाढ़)

ओएसजे/आरपी (पीटीआई)

 

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