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दुनिया

नैरोबी में 'बहुराष्ट्रीय आतंकवाद'

नैरोबी के शॉपिंग सेंटर पर हमले के बाद अभी संकट खत्म नहीं हुआ है. सुरक्षा बल हमलावरों के पास पहुंचने का दावा कर रहे हैं लेकिन बंधकों की सुरक्षा और आतंकियों की धमकियां उनके कदमों पर बंदिश लगा रही हैं.

केन्या की राजधानी नैरोबी के जिस मॉल पर हमला हुआ है वहां से अभी भी काला धुआं निकलता दिख रहा है. केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बल हमलावरों के करीब पहुंच गए हैं. शनिवार को शुरू हुए हमले में अब तक 62 लोगों की जान जा चुकी है. सोमालिया के आतंकवादी गुट अल शबाब ने वेस्टगेट शॉपिंग सेंटर में कितने लोगों को बंधक बना रखा है इसका पता नहीं चला है ना ही यह कि हमलावरों की संख्या का पता चल पा रहा है. सोमवार को तेज आवाज वाले कुछ धमाके और फिर गोलीबारी की आवाज सुनाई दी, इसके बाद इमारत के एक हिस्से से गहरा काला धुआं निकलता दिखा.

केन्या के गृह मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि सभी आतंकवादी पुरुष हैं, हालांकि हमला करते वक्त उनमें से कुछ ने महिलाओं के कपड़े पहन रखे थे. इन लोगों ने एक गद्दे से एक सुपरमार्केट में आग लगा दी. सोमवार को दो आतंकवादियों मारे गए, एक हमलावर शनिवार को ही मारा गया. केन्या के सेना प्रमुख ने कहा है कि बंदूकधारी "दुनिया भर से आए हैं. हम यहां वैश्विक आतंकवाद से लड़ रहे हैं."

मौके पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि दोपहर के भोजन से पहले हुआ धमाका सुरक्षा बलों ने रास्ता बनाने के लिए किया था. राष्ट्रपति उहुरू केन्याटा ने शनिवार को पड़ोसी देश सोमालिया से अपनी सेना हटाने से इनकार कर दिया और इसके बाद ही सुरक्षा बलों ने अपनी कार्रवाई तेज की है. हालांकि गृह मंत्री ने धमाके के बारे में ज्यादा जानकारी होने से इनकार किया है. इसके साथ ही उन्होंने आतंकवादियों के आग लगाने की बात पर प्रतिक्रिया देने से भी मना कर दिया. अल शबाब ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस अंदर आई तो वे बंधकों को मार देंगे. गृह मंत्री जोसेफ ओले लेंकू ने कहा कि शॉपिंग सेंटर का ज्यादातर हिस्सा सुरक्षा बलों के कब्जे में है और वहां से आतंकवादियों के लिए भाग निकल पाना नामुमिकन है. लेंकू ने कहा, "आतंकवादी कुछ दुकानों के बीच भाग भाग कर छिप रहे हैं लेकिन ज्यादातर तल हमारे कब्जे में हैं."

अल कायदा से चिंता

गृह मंत्री ने विदेशी सरकारों से 'मदद' मांगने की बात मानी है लेकिन कहा है कि अब तक केन्याई सेनाएं बिना मदद के ही काम कर रही हैं. पश्चिमी देश अल कायदा से जुड़ी हिंसा के अफ्रीका में, पश्चिम में नाईजीरिया से लेकर माली, उत्तर में अल्जीरिया, लीबिया और अब पूर्व में केन्या तक फैलने की वजह से चौकन्ने हो गए हैं.

नैरोबी ने अल कायदा का पहला पड़ा हमला तब देखा जब अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले में 200 लोगों की जान गई. शनिवार की कार्रवाई को कुछ विश्लेषक अल शबाब की कार्रवाई मान रहे हैं जो सोमालिया में केन्याई सेनाओं के आगे बढ़ने से चिढ़ा हुआ है. लेकिन इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के हाथ होने का जोखिम बना हुआ है. केन्याई सेना के प्रमुख जूलियस कारंगी ने हमलावरों को "बहुराष्ट्रीय संग्रह" कहा है. कारंगी ने कहा, "अगर वो चाहें तो समर्पण कर सकते हैं."

अल शबाब के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि अगर केन्याई सुरक्षा बलों ने उनके ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश की तो वो बंधकों को मार डालेंगे. रविवार को केन्याई राष्ट्रपति ने कहा था कि 10-15 हमलावरों ने अज्ञात संख्या में लोगों को बंधक बना रखा है. रेड क्रॉस और लेंकू ने 62 लोगों के मरने की पुष्टि की है साथ ही यह भी कहा है कि अब तक 63 लोगों के लापता होने की जानकारी दर्ज कराई गई है.

हमले में अपना भतीजा खोने वाले राष्ट्रपति केन्याटा ने कहा है कि वो सोमालिया में आतंकवाद के खिलाफ छेड़ी गई लड़ाई नहीं रोकेंगे. सोमालिया में केन्याई सेना ने अल शबाब को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है. पिछले दो साल से अफ्रीकी यूनियन के समर्थन वाला शांति अभियान पूरी उत्तरी सीमा पर चल रहा है.

एनआर/ओएसजे (रॉयटर्स, एएफपी)

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