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खेल

नेमार के बदले एक नया स्टेडियम बन जाता

जर्मनी के दिग्गज फुटबॉल क्लब बायर्न म्यूनिख के सीईओ को नेमार का करोड़ों डॉलर का सौदा बेवकूफी लगती है. वह बहुत ठोस तर्क देकर इस सौदे की खिंचाई कर रहे हैं.

ब्राजील के सुपरस्टार फुटबॉलर नेमार को पिछले हफ्ते ही पेरिस सेंट जर्मां ने रिकॉर्ड 26.1 करोड़ डॉलर में खरीदा. इस सौदे ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोंरी. लेकिन यह डील, क्लब फुटबॉल का पावरहाउस माने जाने वाले जर्मन क्लब बायर्न म्यूनिख के सीईओ कार्ल-हाइंस रुमेनिगे के गले नहीं उतरी. रुमेनिगे यूरोप्स क्लब्स एसोसिएशन के प्रमुख भी हैं.

जर्मन पत्रिका बिल्ड मैगजीन से बात करते हुए रुमेनिगे ने कहा, "नेमार के ट्रांसफर के दौरान मैंने खुद से पूछा कि क्या ज्यादा जरूरी है: नेमार या आलियांस एरेना. मैं साफ तौर पर कहूंगा कि मैं आलियांस एरेना को तरजीह देता, जो कि ज्यादा जरूरी भी है." आलियांस एरेना, बायर्न म्यूनिख के स्टेडियम का नाम है.

जितना दाम नेमार को खरीदने के लिए चुकाया गया, उससे कम पैसे में एक नया स्टेडियम बन जाता है. यह दावा करते हुए रुमेनिगे ने कहा, "नेमार के ट्रांसफर की कीमत एक स्टेडियम से भी ज्यादा है."

Karl-Heinz Rummenigge Vorsitzender ECA (picture-alliance/dpa/T. Stavrakis)

कार्ल-हाइंस रुमेनिगे

2005 में बायर्न म्यूनिख ने 34.6 करोड़ यूरो का कर्ज लेकर म्यूनिख के बाहर आलियांस एरेना नाम का फुटबॉल स्टेडियम बनाया. क्लब ने लोन 25 साल के लिए लिया था. लेकिन इसे 2014 में ही तयशुदा समय से 16 साल पहले चुका दिया. नया स्टेडियम बनने के बाद से अब तक बायर्न म्यूनिख तीन बार चैंपियंस लीग का फाइनल खेल चुका है. 2012-13 में टीम ने यूरोपीय क्लब फुटबॉल का यह सबसे बड़ा मुकाबला भी जीता.

वहीं पेरिस सेंट जर्मां की टीम बीते 20 साल में एक बार भी चैंपियंस लीग के फाइलन तक नहीं पहुंची है. नेमार से जुड़ी डील के बारे में रुमेनिगे कहते हैं, "हम ऐसा नहीं करना चाहते और न ही ऐसा कर सकते हैं. और लोगों को और फैन्स को भी ऐसा फैसला सही लगता है."

पेरिस के क्लब ने 25 साल के नेमार को स्पैनिश क्लब बार्सिलोना से खरीदा है. बीते साल फ्रांसीसी खिलाड़ी पाउल पोग्बा का रिकॉर्ड सौदा हुआ था. पोग्बा को मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इतालवी क्लब युवेंटस से 10.5 करोड़ डॉलर में खरीदा. युवेंटस पोग्बा के बिना भी बीते सीजन में चैंपियंस लीग के सेमीफाइनल तक पहुंच गयी. वहीं मैनेचेस्टर यूनाइटेड की टीम न तो चैंपियंस लीग में ऊपर आ सकी, न ही इंग्लिश प्रीमियर लीग के टॉप तीन में आ सकी.

रिकॉर्ड दाम पर हो रहे खिलाड़ियों के सौदों ने फुटबॉल जगत को संकट में डाल दिया है. विशेषज्ञों के मुताबिक खिलाड़ी की रिकॉर्ड कीमत चुकाने के चक्कर में क्लब बर्बाद हो सकते हैं. ऐसे महंगे सौदों से फैन्स भी नाराज हो रहे हैं. रुमेनिगे कहते हैं, "फीफा, यूएफा, ईसीए, लीग्स और खिलाड़ियों के संघों को इस पर विचार करना चाहिए. मुझे लगता है कि हम सबको एक मेज पर आना चाहिए. हमें पूरे फुटबॉल के लिए तार्किक नियम खोजने होंगे, वरना लोग इसे नहीं समझेंगे और फैन्स से भी रिश्ता टूट जाएगा."

(खेलों से कमाई का रिकॉर्ड)

ओएसजे/एमजे (रॉयटर्स)

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