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मनोरंजन

नेत्रहीनों का नेवीगेशन

आंखों से लाचार लोगों के लिए किसी जगह तक पहुंचना मुश्किल भरा काम होता है. रास्ता पता भी हो, तो यह नहीं पता कि कहां गड्ढा होगा, कहां रुकावट होगी. अब उनके रास्ते में एक मील का पत्थर आ रहा है.

नेत्रहीनों और कमजोर नजर के लोगों के लिए ऐसा नेवीगेशन तैयार किया गया है, जो उनकी मुश्किलों को दूर कर सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया भर में 28 करोड़ लोग आंखों से लाचार हैं, जिनमें से चार करोड़ को कुछ भी नहीं दिखता.

एंड्रॉयड पर इस्तेमाल होने वाला गाइड डॉट्स नाम का मुफ्त ऐप यूजर का लोकेशन पता करता है और उसे आस पास के बारे में ऑडियो से जानकारी देता है. वह रेस्तरां, दुकानों और दोस्तों के बारे में भी बताता है.

Indien - Braille Smartphone

भारत में बन चुका है ब्रेल स्मार्टफोन

इस ऐप को तैयार करने वाली कंपनी वीएमएल अमेरिका की मिसूरी में है. इसकी ग्लोबल चीफ क्रिएटिव ऑफिसर डेबोरा वांडेवेन का कहना है, "हम एक छड़ी से बेहतर लोगों को बता सकते हैं कि उनके आस पास क्या है. इससे उनकी परिधि छह फीट से बहुत बड़ी हो जाती है." ऐप में एक बटन है, जिसे दबाने पर आस पास की चीजों की जानकारी मिलती है. वे चलने के रास्ते, बाथरूम और दुकानों के बारे में भी जानकारी हासिल कर सकते हैं. अगर वे दोस्तों से मिलना चाहें, तो पता कर सकते हैं कि कौन सा फेसबुक दोस्त आस पास में है.

कहां से मिलता है डाटा

वांडेवेन का कहना है कि उनकी कंपनी इस ऐप की मदद से नेत्रहीनों को ज्यादा सुरक्षा और आत्मविश्वास देना चाहती है. एंड्रॉयड में टॉकबैक सुविधा से यूजर स्क्रीन पर आने वाली चीजों को सुन सकता है और डबल टैप करके अपने मन मुताबिक ऑप्शन चुन सकता है.

इस ऐप में गूगल मैप और फेसबुक लोकेशन की मदद से डाटा जमा होता है. हालांकि जीपीएस में गलती की सीमा करीब 15 मीटर की होती है, लिहाजा कंपनी एक्यूरेसी बढ़ाने के लिए ब्लू टूथ सेंसर का इस्तेमाल करना चाहती है. इसकी मदद से स्मार्टफोन को लगभग सटीक डाटा मिल जाता है. वांडेवेन का कहना है, "इसकी मदद से आपको वो आखिरी दो फीट की दूरी तय करने में मदद मिल जाएगी, जो नेत्रहीन व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी दूरी होती है."

इसी का इंतजार था

आईओएस पर चलने वाले स्मार्टफोन के लिए ब्लाइंडस्कैवयर नाम का ऐप बनाया गया है. इसके यूजर पूछ सकते हैं कि आस पास में लोकप्रिय कैफे कौन सा है या सबसे नजदीक डाकघर कहां है. इस ऐप के लिए 23.99 डॉलर खर्च करने पड़ते हैं. यह 15 भाषाओं में मौजूद है और फोरस्कैवयर से आंकड़े जुटाता है.

मेरीलैंड के गैरसरकारी संगठन फाउंडेशन फाइटिंग ब्लाइंडनेस के जॉन कॉरनिले भी नेत्रहीन हैं. उनका कहना है कि अगर ऐप अपने दावों पर खरा उतरता है, तो इसी चीज का तो उन्हें इंतजार था, "कारों के जीपीएस तो आपको बता देते हैं कि आप कहां से ड्राइव कर रहे हैं. लेकिन पैदल चलते वक्त कोई इस तरह की जानकारी दे, मैंने आज तक नहीं सुना है."

अच्छे दिन

पेशे से वकील कॉरनिले कहते हैं कि वे कई ऐप इस्तेमाल करते हैं, जिनमें आईफोन पर वॉयसओवर भी शामिल है. इससे लिखी हुई चीज सीधे सुनी जा सकती है. आईफोन के अंदर सिरी सॉफ्टवेयर है, जो आवाज से नियंत्रित होता है और इससे वह ईमेल और दूसरी लिखी हुई चीजों में मदद लेते हैं. उनका कहना है, "मेरा मानना है कि कई ऐप मौजूद हैं और उनमें से ज्यादातर बहुत अच्छे हैं. इससे नेत्रहीनों को काफी फायदा पहुंच सकता है और मुझे इस बात की खुशी होती है कि कंपनियां ऐसा कर रही हैं."

एजेए/एएम (रॉयटर्स)

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