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दुनिया

निजी कंपनियां छोड़ने लगीं विकीलीक्स का साथ

अमेरिकी दबाव तले इंटरनेट की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक अमेजन ने अमेरिकी गोपनीय दस्तावेज को उजागर करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स से नाता तोड़ लिया है. अमेजन ने अपने कंप्यूटरों के सर्वर से विकीलीक्स का नामोनिशान मिटा दिया.

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अमेजन के इस कदम पर अमेरिका ने संतोष जाहिर किया है. रिपब्लिकन पार्टी के सांसद पीटर किंग ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विकीलीक्स से अपने संबंध खत्म करने में अमेजन को पांच महीने का वक्त लगा. राजनीतिक दबाव के बाद ही यह हो पाया. विकीलीक्स को यह फैसला जुलाई में ही कर लेना चाहिए था जब विकीलीक्स ने अमेरिकी सैनिकों की जिंदगियों को खतरे में डाला था. मुझे खुशी है कि कंपनी ने आखिरकार अपनी गलती सुधार ली."

USA Wikileaks Außenministerium in Washington Gebäude

अमेरिका चाहता है कि ऐसा ही कदम बाकी निजी कंपनियां भी उठाएं. किंग ने कहा, "अमेजन का यह कदम बाकी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय निजी कंपनियों के लिए एक मिसाल होना चाहिए. निजी कंपनियों का विकीलीक्स के साथ व्यापार करना असहनीय है और अमेरिकी हितों के खिलाफ है."

विकीलीक्स ने ट्विटर के जरिए अमेजन के कदम की पुष्टि कर दी है. वेबसाइट ने कहा है कि ऑनलाइन रिटेलिंग कंपनी अमेजन का यह कदम फर्स्ट अमेंडमेंट (अमेरिकी संविधान में) के खिलाफ है जो अभिव्यक्ति की आजादी देता है. ट्विटर पर भेजे संदेश में तंज करते हुए विकीलीक्स ने कहा, "आजाद लोगों की जमीन और अभिव्यक्ति की आजादी...ठीक है, अब हमारे डॉलर्स यूरोप में लोग भर्ती करने पर खर्च होंगे. अगर अमेजन फर्स्ट अमेंडमेंट से इतनी ही असहज है तो उसे किताबें बेचना भी बंद कर देना चाहिए."

विकीलीक्स ने रविवार से अमेरिकी गोपनीय दस्तावेजों को प्रकाशित करने का सिलसिला शुरू किया है. दो लाख 50 हजार गोपनीय संदेश प्रकाशित किए गए हैं जो अमेरिकी विदेश मंत्रालय और विदेशों में उसके दूतावासों से जुड़े हैं. माना जाता है कि उसे ये संदेश एक अमेरिकी सैनिक ने दिए.

जैसे ही वेबसाइट ने रविवार शाम दस्तावेज प्रकाशित किए, यह खुलनी बंद हो गई. बाद में पता चला कि इस पर साइबर अटैक हुआ. बुधवार को भी वेबसाइट नहीं खुल पाई. हालांकि अभी पता नहीं चला है कि यह नए साइबर अटैक की वजह से है या कोई और वजह है.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः एस गौड़

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