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ताना बाना

नाराज पॉल ने डिप्टी स्पीकर पद छोड़ा

भारतीय मूल के ब्रिटिश व्यापारी स्वराज पॉल ने ब्रिटेन की संसद के ऊपरी सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स के डिप्टी स्पीकर पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपने चार महीने लंबे निलंबन को अन्याय बताते हुए इस्तीफा दिया.

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लेबर पार्टी के स्वराज पॉल समेत तीन सदस्यों को सदन से निलंबित कर दिया गया था. बैरोनेस मोंजिला पोला उद्दीन, लॉर्ड अमीराली अलीभाई भाटिया और स्वराज पॉल पर आरोप थे कि उन्होंने आवास भत्तों के बारे में गलत सूचनाएं देकर पैसा प्राप्त किया.

लॉर्ड पॉल ने कहा कि सदन ने उन पर लगे हर इल्जाम को गलत करार दे दिया है और उन्हें किसी तरह की बेईमानी में शामिल नहीं पाया है. इसके बावजूद उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया है.

स्पीकर को लिखे एक पत्र में लॉर्ड पॉल ने लिखा है, "संसदीय लोकतंत्र के लिए यह अध्याय कई मायने में निराशाजनक है. मीडिया की चुनावी राजनीति के चक्कर में कई ऐसी घटनाएं हो गईं जो दुर्भाग्यपूर्ण हैं."

स्वराज पॉल इस खत में एक अखबार की उस खबर के संदर्भ में कह रहे थे जिसके मुताबिक उन्होंने अपने घर को लंदन के बाहर बताकर 2005 से 2007 के बीच 40 हजार पाउंड्स प्राप्त किए.

अपने ऊपर लगे आरोपों के बारे में पॉल ने सफाई दी है कि उनका घर लंदन से बाहर है और इसी आधार पर उन्होंने 2005 और 2006 में भत्तों की मांग की थी. उन्होंने कहा, "बाद मैं मैंने यह पैसा लौटा दिया था. इस तरह के भत्तों के लिए इस साल जुलाई में नियमों में कुछ सुधार किए गए. लेकिन आप 2010 के नियम 2005 पर लागू नहीं कर सकते."

अपने खत में उन्होंने लिखा है, "मैं अकेला नहीं हूं जो यह समझ नहीं पा रहा हूं कि सदन के अधिकारी कुछ लोगों की जांच कर रहे हैं और बाकियों की नहीं. मेरे जहन में यह स्थिति पूरी तरह अन्यायपूर्ण है और उन नियमों का उल्लंघन है जो ब्रिटेन में निष्पक्षता के लिए अपनाए जाते हैं."

हालांकि स्वराज पॉल ने सदन की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है. वह एक प्रिवी काउंसलर हैं और चार महीने का निलंबन खत्म होने के बाद सदन में लौट आएंगे.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः एन रंजन

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