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दुनिया

नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंध, रेप है

सुप्रीम कोर्ट ने रेप के मुद्दे पर एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि नाबालिग लड़की से सेक्स हमेशा बलात्कार माना जायेगा, भले ही लड़की शादीशुदा हो.

भारत में रेप के कानून खास तौर पर शादीशुदा जोड़ों को इस दायरे से बाहर रखते हैं. लेकिन बाल विवाह के जैसे मामलों में बड़ा भ्रम बना हुआ था. सरकार ने सर्वोच्च अदालत में दलील दी कि विवाह के बाद किसी नाबालिग लड़की से सेक्स को बलात्कार न माना जाए. सुप्रीम कोर्ट ने इसी दलील को दरकिनार किया है. अदालत ने साफ किया कि सहमति की उम्र 18 साल है. कोर्ट के मुताबिक यह स्थिति, भारत के सहमति की उम्र से जुड़े कानून का विरोध करती है.

सेक्स के लिए सहमति की उम्र और लड़कियों की शादी के लिए भारत में 18 साल की उम्र तय की गई है, लेकिन लाखों नाबालिग लड़कियों की शादी अब भी की जाती है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अब अगर शिकायत करने वाली लड़की की उम्र 18 साल से कम भी हो तो भी पुलिस को बलात्कार का मामला दर्ज करना होगा. पीड़ित घटना के एक साल के भीतर मामला दर्ज करा सकती है.

इस मालमे में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले वकील विक्रम श्रीवास्तव ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला लड़कियों को सुरक्षा देगा.    

न्यूज चैनल एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने कहा, "आज का यह फैसला दो वाक्यों में कहता है कि अगर कोई व्यक्ति 18 साल से कम उम्र की लड़की से शादी करता है और लड़की घटना के एक साल के भीतर संभोग की शिकायत दर्ज करती है तो उस व्यक्ति पर बलात्कार का मुकदमा चलाया जा सकता है."

उन्होंने यह भी कहा कि बाल विवाह पर रोक है, लेकिन हम सब जानते हैं कि 18 साल से कितनी सारी लड़कियां हैं जिनकी शादी करा दी जाती है.

इस मामले में सरकार ने कहा है कि वह वैवाहिक रेप को अपराध घोषित करने का विरोध करती है और यह विवाह संस्थान को नुकसान पहुंचाएगा.

एसएस/ओएसजे (एएफपी)

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