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दुनिया

नाती पोतों की मदद से 91 की उम्र में ग्रेजुएट हुई महिला

थाईलैंड के फायाओ में रहने वाली 91 साल की किमलुन ने पैसों की किल्लत के चलते अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी. लेकिन अपने नाती पोतों को डिग्रियां लेते और नौकरियां करते देख उन्होंने एक बार फिर पढ़ने की ठानी.

Studenten Universität Abschluss Seoul Südkorea (picture-alliance/dpa/Yonhap)

यह तस्वीर प्रतीकात्मक है.

थाईलैंड में 91 वर्षीय किमलुन जिनाकुल सबसे अधिक उम्र में ग्रेजुएट होने वाली व्यक्ति बन गयी हैं. उनकी बैचलर डिग्री उन्हें थाईलैंड के राजा वजिरालॉन्गकोर्न ने खुद दी है.

इस मुकाम को हासिल करने में किमलुन जिनाकुल के परिवार ने उनकी खूब मदद की. वे अपनी डिग्री लेने के लिए थाईलैंड के उत्तर में स्थित फायाओ से 700 किलोमीटर दूर सुखोठाई की थमथिरिरेट ओपन यूनिवर्सिटी पहुंचीं जहां उन्होंने स्नातक की डिग्री हासिल की.

किमलुन ने स्थानीय टीवी चैनलों को दिये इंटरव्यू में कहा, "अपनी पढ़ाई जारी रखना हमेशा से मेरा सपना था." उन्होंने कहा कि उन्होंने जूनियर हाई स्कूल तक पढ़ाई की थी लेकिन वह उसके बाद अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख सकीं क्योंकि उनके परिवार के पास उस वक्त उतने पैसे नहीं थे.

उन्होंने कहा, "जब मैं छोटी थी, मुझे अच्छे नंबर मिलते थे. मुझे पढ़ने में हमेशा मजा आया." किमलुन को अपनी औपचारिक पढ़ाई जारी रखने की प्रेरणा 2011 में मिली, जब उनके बच्चे और उनके नाती-पोते अपनी डिग्रियां ले चुके थे और नौकरी करना शुरू कर चुके थे. 

आमतौर पर लोग कहते हैं कि अब उम्र हो गयी है या वक्त निकल गया है लेकिन किमलुन कहती हैं कि पढ़ाई करने में कभी देर नहीं होती है. किमलुन का पोता कहता है कि वह बहुत दृढ़ निश्चय वाली महिला हैं. परिवार के लोगों ने इस बात का हमेशा ध्यान रखा कि किमलुन का स्वास्थय ठीक रहे.

यूनिवर्सिटी ने कहा कि किमलुन को पढ़ाई के दौरान कोई अलग या खास सुविधा नहीं दी गयी. वे कई परीक्षाओं में फेल भी हुईं. किमलुन कहती हैं कि यूनिवर्सिटी ने उनकी काफी मदद की. यूनिवर्सिटी ने उनको ग्राउंड फ्लोर पर कमरे दिये ताकि उन्हें सीढ़ियां ना चढ़नी पड़ें.

थमथिरिरेट ओपन यूनिवर्सिटी थाईलैंड की पहली यूनिवर्सिटी है जो उम्रदराज लोगों के लिए डिस्टेंस लर्निंग के कोर्स कराती है. इस यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले लगभग 200 से भी ज्यादा लोगों की उम्र 60 से ज्यादा है.

एसएस/एके (डीपीए)

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