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दुनिया

नाटकीय दौर में पहुंचा ग्रीक संकट

ग्रीस संकट के कारण ब्रसेल्स, बर्लिन, एथेंस नाटकीय दौर से गुजर रहे हैं. ग्रीस में बैंकों को बंद कर दिया गया है, शेयर बाजारों में शेयरों के भाव गिरे हैं और यूरोप भर के राजनीतिज्ञ अपील कर रहे हैं.

ग्रीस में बैंकों को बंद किए जाने के बाद देश के दिवालिया होने के गहराए संकट के बाद यूरोपीय देश ग्रीस को सुधारों के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं. यूरोपीय आयोग के प्रमुख जॉं क्लोद युंकर ने ग्रीक मतदाताओं को रविवार को होने वाले जनमत संग्रह से पहले चेतावनी देते हुए कहा है, "नहीं कहने का मतलब यूरोप को नहीं कहना होगा." जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने कहा है कि यदि एथेंस जनमत संग्रह के बाद बातचीत का आग्रह करता है तो उसके लिए दरवाजे बंद नहीं किए जाएंगे. फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद ने भी ग्रीस के साथ वार्ता की तैयारी व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि वार्ता जारी रखी जाए.

शेयरबाजार में गिरावट

ग्रीस संकट पर बातचीत टूटने के बाद सोमवार को शेयरबाजार में कोई तूपान नहीं आया जिसकी आशंका थी, लेकिन कुछ समय के लिए शेयर की दरों में भारी गिरावट देखने को मिली. कारोबार शुरू होने पर यूरोपीय शेयर बाजार में दरें तेजी से गिरी लेकिन कुछ समय बाद उसमें थोड़ी तेजी आई. एथेंस में शेयर बाजार बंद रहा तो जर्मन शेयर बाजार में शुरू में 4 फीसदी की गिरावट आई लेकिन दोपहर बाद तक शुक्रवार के मुकाबले शेयरों की कीमत में 2 फीसदी का नुकसान रहा. यूरो की कीमत तीन सेंट गिरकर 1.11 डॉलर रही. ग्रीक प्रधानमंत्री सिप्रास ने देशवासियों से शांत रहने की अपील की है और कहा है कि वेतन और पेंशन की गारंटी है और आने वाले दिनों में धीरज और शांति की जरूरत है.

युंकर ने मंगलवार को खत्म हो रहे बचाव कार्यक्रम की रोशनी में कहा, "ऐसा नहीं है कि हम किसी बंद गली में फंस गए हों. लेकिन समय कम होता जात रहा है." बेलआउट पैकेज के खत्म होने से ग्रीस को और मदद नहीं मिल रही है जिसकी उसे राजकोष के खाली होने के कारण फौरी तौर पर जरूरत है. कर्ज में डूबे ग्रीस के लिए मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का 1.54 अरब यूरो का कर्ज चुकाना असंभव हो गया है. ग्रीस में अगले हफ्ते तक बैंक बंद हैं. पिछले दिनों में बहुत से आशंकित नागरिकों ने बैंकों से रकम निकालनी शुरू कर दी थी और बैंकों के लिए मुश्किल पैदा कर दी थी. सोमवार से ग्रीक नागरिक हर रोज सिर्फ 60 यूरो निकाल सकते हैं जबकि विदेशी नागरिकों के लिए यह बंदिश नहीं है.

विफल वार्ता

सोमवार को ग्रीस के प्रधानमंत्री अलेक्सिस सिप्रास ने राहत पैकेज को एकाध दिनों के लिए बढ़ाए जाने की अपील की है. उन्होंने पिछले हफ्ते अचानक दाता देशों के सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह कराने की घोषणा कर उन्हें नाराज कर दिया था.उसके बाद यूरोजोन के वित्तमंत्रियों ने शनिवार को ग्रीस के साथ वार्ताओं के विफल होने की घोषणा कर दी. युंकर ने कहा है कि वे व्यक्तिगत रूप से सिप्रास से निराश हैं. उन्होंने घंटों तक हुई बातचीत में जनमत संग्रह के बारे में कुछ नहीं बताया, "यह मेरे लिए ताज्जुब था." यूरोग्रुप के लंबे समय तक प्रमुख रहे युंकर ने ग्रीस के यूरोजोन से बाहर होने की संभावना से इंकार किया. यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यूरोपीय आयोग के प्रमुख जनमत संग्रह से पहले आखिरी मिनट में कोई पहल करेंगे.

एमजे/आईबी (डीपीए)

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