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दुनिया

नाइजर रेगिस्तान में दफ्न मिलीं प्रवास की कोशिशें

34 प्रवासियों की लाशें, जिनमें 20 बच्चे भी हैं- बीते हफ्ते नाइजर रेगिस्तान में दबी मिलीं. यह लोग मानव तस्करों की मदद से पड़ोसी देश अल्जीरिया जाने की कोशिश में थे और रेगिस्तान के दुश्वार हालात के शिकार बन गए.

पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर के गृह मंत्रालय ने बताया, "34 लोग, जिनमें पांच पुरुष, नौ महिलाएं और 20 बच्चे थे, उनकी मौत रेगिस्तान को पार करने की कोशिश के दौरान हो गई." मंत्रालय का मानना है कि जैसा अक्सर होता है, इन लोगों की जान प्यास के कारण गई होगी. इन शवों को नाइजर और अल्जीरिया की सीमा के पास से बरामद किया गया.

मंत्रालय द्वारा जारी बयान मे लिखा है, "(प्रवासियों को) मानव तस्करी करने वाले छोड़े गए होंगे." बरामद शवों में से अभी केवल दो लोगों की पहचान हो पाई है. यह दोनों महिला और पुरुष नाइजर के निवासी थे.

इस इलाके में तापमान जानलेवा स्तर तक पहुंच जाता है. पूरे नाइजर रेगिस्तान में 42 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान पर रेतीला तूफान चलता है, जिससे वहां मौजूद किसी भी जीव को जान जाने का खतरा होता है. ऐसे दुश्वार मौसम में फंस कर मारे जाने वालों में से केवल कुछ की ही लाश बरामद हो पाती है.

हाल के सालों में हजारों अवैध अप्रवासी अल्जीरिया पहुंचे हैं. इनमें से ज्यादातर पड़ोसी देशों माली और नाइजर के बताए जाते हैं. इसके पहले उप-सहारा महाद्वीप में प्रवासियों का मुख्य ठिकाना लीबिया हुआ करता था. मुअम्मर गद्दाफी को सत्ता में हटाने से लीबिया में पैदा हुए संकटपूर्ण माहौल के कारण अब लोग सुरक्षित ठिकाने की तलाश में अल्जीरिया पहुंचने लगे हैं.

अल्जीरिया जाने वाले कई प्रवासी आगे यूरोप तक पहुंचने की कोशिश करते हैं. लेकिन यूरोप के नाइजर को सुरक्षित देश मानने के फैसले कारण केवल 2015 में ही नाइजर से आये 7,000 से अधिक प्रवासियों को यूरोप से वापस उनके देश भेज दिया गया था.

कई अफ्रीकी देशों से यूरोप में प्रवेश करने वाले अवैध प्रवासियों की तादाद को कम करने की कोशिशें हो रही हैं. मार्च में अंकारा के साथ हुए समझौते के तहत तुर्की के रास्ते आने वाले प्रवासियों पर नियंत्रण किया जा रहा है और यूरोपीय संघ के देशों से कई अवैध प्रवासियों को वापस भेजा जा रहा है.

यूएन रिफ्यूजी एजेंसी ने बताया है कि तुर्की से होकर यूरोप आने की कोशिश में इस साल जनवरी से करीब 2,814 लोग डूब गए हैं. यूएन ने इस स्थिति को सुधारने के लिए तुरंत और प्रयास किए जाने की अपील की है.

हाल ही में पेश किए गए एक प्रस्ताव में इथियोपिया, नाइजीरिया, माली और सेनेगल जैसे देशों से प्रवासियों का आना कम करने के लिए यूरोपीय संघ की ओर से 60 अरब यूरो तक के निजी निवेश को बढ़ावा देने की बात है. यूरोपीय आयोग ऐसे लोगों को वापस उनके देश भेजने भी प्रक्रिया को तेज करना चाहता है, जिन्हें रिफ्यूजी स्टेटस नहीं मिल सकता. आयोग जल्द ही वैध तरीकों से यूरोप पहुंचे कुशल पेशेवर प्रवासियों को लिए ब्लू कार्ड की योजना की घोषणा कर सकते हैं.

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