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जर्मन चुनाव

नक्सली सबसे बड़े आतंकवादीः रमन सिंह

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने नक्सलियों को सबसे बड़ा आतंकवादी बताते हुए कहा कि उनके लिए नरम रवैया नहीं अपनाया जा सकता है. हालांकि मुख्यमंत्री का कहना है कि घने जंगलों को देखते हुए उनके खिलाफ हवाई कार्रवाई मुश्किल.

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हाल के नक्सली हमलों का जिक्र करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दिल्ली में कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को संयुक्त अभियान छेड़ना होगा.

रमन सिंह ने कहा, "आप और किसे आतंकवादी कहेंगे. वे लोग सबसे बड़े आतंकवादी हैं. लोकतंत्र के लिए नक्सलवाद ही सबसे बड़ी समस्या है. वे बंदूक की नोंक पर सत्ता हथियाना चाहते हैं." मुख्यमंत्री ने कहा, "उनके प्रति नरम रवैया नहीं अपनाया जा सकता है. पिछले 60 साल में नरमी बरत कर आखिर हमने क्या पाया है."

Paramilitärische Sicherheitskräfte marschieren vor der ersten Phase der Landtagswahlen im indischen Bundesstaat Jharkand

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का कहर

छत्तीसगढ़ में सोमवार को हुए नक्सली हमले में 35 नागरिक और 14 स्पेशल पुलिस अफसरों की मौत के दो दिन बाद रमन सिंह दिल्ली पहुंचे. यहां उन्हें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया से मुलाकात करनी है. पिछले 10 साल में राज्य में नक्सली हमलों का ब्योरा देते हुए रमन सिंह ने बताया कि नक्सलियों ने 1000 से ज्यादा लोगों और 650 से ज्यादा पुलिसवालों को मार दिया है. उन्होंने 132 बिजली के खंभों को उड़ा दिया है, 106 स्कूलों को तबाह कर दिया है और तीन अस्पतालों को नष्ट कर दिया है.

हालांकि नक्सलियों पर काबू पाने के लिए रमन सिंह हवाई ताकत के इस्तेमाल की तरफदारी नहीं करते. उनका कहना है, "जो इलाके घने जंगलों से घिरे हैं, वहां जाकर हवाई बमबारी नहीं की जा सकती है. सेना के हेलीकॉप्टरों को सिर्फ राहत और बचाव के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है." हवाई हमले के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि आप किसी गांव पर बम नहीं गिरा सकते. वहां आम शहरी भी रहते हैं.

मुख्यमंत्री का कहना है कि नक्सलियों का असली चेहरा सामने आ गया है. वे लोग बुनियादी ढांचा तबाह करना चाहते हैं. रेलवे स्टेशन और बिजली लाइनों को तबाह करना चाहते हैं. "भला यह किस तरह की क्रांति है."

नक्सली आंदोलन से बुरी तरह प्रभावित छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने आम लोगों से अपील की कि उन्हें बिना देर किए नक्सलियों के खिलाफ जंग में शामिल होना होगा.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल