1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

नक्सलियों और भ्रष्टाचार से जूझता रहा भारत

अब इस साल का अपना अस्तित्व क्या रह जाएगा? हम कैसे इसे याद करेंगे? शायद ये कहकर कि 2010 में बराक ओबामा पहली बार भारत आए थे...या फिर कि उस साल दिल्ली में कॉमनवेल्थ खेल हुए थे और बड़ा हंगामा खड़ा हो गया था.

default

इन घटनाओं को इतिहास में दर्ज कर देने का मतलब होगा 2010 को जिंदगी बख्श देना. और अब यह काम करने का वक्त आ गया है.तो चलिए यह काम भी कर ही डालते हैं. आपसे कहा जाए कि भारत में इस साल की सबसे बड़ी घटना क्या रही तो किसे चुनेंगे आप? कॉमनवेल्थ खेल?

बराक ओबामा की भारत यात्रा? नक्सलवादियों के सबसे बड़े हमले? कश्मीर की हिंसा का महीनों लंबा दौर? आसान नहीं है ना! तो यूं करते हैं कि लम्हों को चुनने के बजाय किस्सों की जाए. इस तरह बात भी ज्यादा हो जाएगी और 2010 को कुछ छोड़ देने की शिकायत भी नहीं रहेगी.

Flash-Galerie Albanien Flüchtling Deutsches Rotes Kreuz 1990

किस्सा रेल की पटरी का

2010 का सफर रेल की पटरियों से ही शुरू हुआ. साल के दूसरे ही दिन तीन जगहों पर कोहरे से जूझती ट्रेनें एक दूसरे से भिड़ गईं. इटावा में मगध और लिच्छवी एक्सप्रेस भिड़ीं. कानपुर के पास पांकी में गोरखधाम और प्रयागराज एक्सप्रेस टकराईं. और इलाहाबाद से 61 किलोमीटर दूर प्रतापगढ़ में सरयू एक्सप्रेस एक ट्रैक्टर पर चढ़ गई. इन हादसों में 10 लोगों की जान गई और 45 से ज्यादा लोग घायल हुए.इस तरह रेल हादसों का एक सिलसिला शुरू हुआ जो सालभर चलता रहा. 16 जनवरी को कालिंदी और श्रमशक्ति एक्सप्रेस की टक्कर में तीन लोगों की जान गई. 17 और 22 जनवरी को रेलवे क्रॉसिंग पर दो छोटे हादसे हुए. फिर कुछ महीने शांति रही तो लगा कि प्रशासन और कर्मचारी सावधान हो गए हैं. लेकिन यह भ्रम 28 मई को एक बड़े हादसे ने तोड़ा जब पश्चिम मेदीनीपुर में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई. इस हादसे में 140 से ज्यादा लोगों की जानें चली गईं. यह साल का पांचवां बड़ा रेल हादसा था. इसके बाद लोग कहने लगे कि ममता बनर्जी के रेल मंत्री बनने के बाद रेल हादसे बढ़ गए हैं.ममता बनर्जी ने इस हादसे को राजनीतिक साजिश बताया और मामला राजनीतिक बयानबाजी की भेंट चढ़ गया. 20 सितंबर को फिर ट्रेनें टकराईं. मध्यप्रदेश के शिवपुरी में 21 लोग मारे गए. लेकिन बदला कुछ नहीं.