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दुनिया

नए ऑनलाइन मैप में अरुणाचल चीन का हिस्सा

गूगल मैप सर्विस की तरह ही चीन ने अपनी ऑनलाइन मानचिंत्रों की वेबसाइट निकाली है. इसमें अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा बताया जा रहा है और इसे 'दक्षिण तिब्बत' का नाम दिया गया है.

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भारत चीन की सरहद पर

ऐसा मानना है कि इस मैप के ज़रिए चीन एक बार फिर अरुणाचल पर अपना हक जताने की कोशिश कर रहा है. 'मैप वर्ल्ड' नाम का वेबसाइट चीनी भाषा में है. हालांकि दक्षिणी तिब्बत का स्पष्ट रूप से जिक्र नहीं है, मैप की जांच कर रहे भारतीय अधिकारियों का कहना है कि उसकी सींमाओं को बढ़ाकर अरुणाचल प्रदेश को भी चीन में समेट लिया गया है. मैप में अकसाई चीन को भी चीन का हिस्सा बताया जा रहा है जबकि भारत का कहना है कि यह पर्वत मालाएं उसकी सीमाओं में आती हैं.

पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम को भारत का हिस्सा माना गया है लेकिन भारतीय अधिकारियों के मुताबिक सिक्किम के उत्तरी ग्यांगयोंग इलाके की स्थिति का पता नहीं लग पा रहा है. यह इलाका रणनीतिक तौर पर भारत के लिए अहम है. अधिकारियों के मुताबिक इसके अलावा मैप में चीन ने अपनी सीमा को लेकर और कोई नए दावे नहीं किए हैं.

मैप में हालांकि नियंत्रण रेखा में भारत प्रशासित और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर को साफ तौर पर दिखाया गया है. बाल्टिस्तान और गिलगित को पाकिस्तान प्रशासित इलाकों में जोड़ा गया है. हाल ही में इस सिलसिले में एक विवाद हुआ था जिसमें चीन ने इस इलाके को उत्तर पाकिस्तान कहा था. उस वक्त चीन इलाके में चीन की सेना की उपस्थिति पर जवाब मांगे गए थे.

इस विवाद के बाद भारतीय सैन्य कमांडर लैफ्टनैंट जनरल बीएस जैसवाल को चीन ने वीजा देने से इनकार कर दिया. भारत ने फिर चीन के साथ रक्षा संबंधित अदला बदली पर रोक लगा दी थी. भारत ने जम्मू कश्मीर के लोगों को उनके पास्पोर्ट में चीन का वीजा स्टेपल करके लगाने पर भी आपत्ति जताई थी. समय समय पर उठते मतभेदों के बीच अगले हफ्ते भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह चीनी राष्ट्रपति हू चिनथाओं से मिलने वाले हैं.

गूगल मैप्स ने अब तक चीन में मैपिंग के लिए लाइसेंस का आवेदन नहीं दिया है. गुरुवार को चीन ने नई वेबसाइट का उद्घाटन किया लेकिन इसके बाद आईफोन का इस्तेमाल कर रहे कई लोगों ने इस बात को लेकर आपत्ति जताई की मैप में सारी जगहें केवल चीनी भाषा में लिखी गई हैं जिसे आईफोन पर पढ़ा नहीं जा सकता.

रिपोर्टःएजेंसियां/एमजी

संपादनःओ सिंह

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