1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

मनोरंजन

धूमकेतु से पैसों की बरसात!

रूस के यूराल पर्वतों पर धूमकेतु विस्फोट के बाद इसके सैंकड़ों टुकड़े आसपास के इलाकों में फैल गए हैं. इन्हें ढूंढने निकले हैं कई सारे लोग, जिनका मानना है कि इन पत्थरों को बेचकर खूब पैसे कमाए जा सकेंगे.

धमाके के कारण 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए और करीब तीन करोड़ 30 लाख डॉलर का नुकसान भी हुआ. लेकिन इस नुकसान की भरपाई करने निकले हैं कई सारे लोग, जो मॉस्को के पास चेल्याबिंस्क में अब इस पिंड के टुकड़े ढूंढ रहे हैं.

एक खोजी का कहना है कि पिंड के एक ग्राम को करीब 66,000 रूबल में बेचा जा सकेगा, यानी करीब 2,200 डॉलर. इसके मुकाबले सोने की कीमत इस वक्त 40 गुना कम है. रूस में शौकिया धूमकेतु प्रेमियों के क्लब के दिमित्री काचकालिन कहते हैं कि उल्कापिंड के जितने कम टुकड़े मिलेंगे, उनकी कीमत उतनी ही बढ़ेगी. लेकिन उल्का पिंड सबसे पहले वैज्ञानिकों के हाथ लगा है. यूराल्स फेडरल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को 53 छोटे पत्थर मिले हैं और उन्होंने तय कर लिया है कि यह उसी उल्कापिंड के अंश हैं. यह केवल 0.5 से लेकर एक सेंटीमीटर बड़े हैं और विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े टुकड़े शायद चेरबाकुल झील में गिरे हों.

विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक विक्टर ग्रोखोव्स्की ने बताया कि इन उल्कापिंडों को कोन्ड्राइट कहा जाता है, यानी की यह पथरीले उल्कापिंड हैं और इनमें 10 प्रतिशत लोहा है. अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के मुताबिक धूमकेतु 17 मीटर चौड़ा था और इसका वजन करीब 10,000 टन था. पृथ्वी के वायुमंडल में घुसने के बाद यह चूर चूर हो गया और रूस में गिरने के दौरान इसकी गति करीब 30 किमी प्रति घंटा थी. चेल्याबिंस्क के पास 20,000 से ज्यादा लोगों ने राहत और सफाई के कामों में मदद की.वहां कई सारी सैन्य फैक्ट्रियां हैं. हालांकि राहत और सफाई में लगे 20,000 में से कई ऐसे लोग भी थे जो सफाई के बहाने खजाने की तलाश में थे. चेल्याबिंस्क के पास लोगों ने बर्फ में खूब तलाश की, लेकिन जिन लोगों को पिंड के टुकड़े मिले, उनमें से सारे इन्हें बेचने को तैयार नहीं थे.

Russland Trockenheit Feldblume

रोसिया 24 टीवी को एक महिला ने बताया, "मैं तो इस टुकड़े को अपने पास रखूंगी. मैं कभी अमीर नहीं थी, तो अब पैसों की क्या जरूरत है." इस महिला को उल्कापिंड का एक छोटा सा काला टुकड़ा मिला था. इस बीच इंटरनेट में भी उल्कापिंड के टुकड़ों को बेचने का दावा कर रहे लोगों की होड़ मच गई है. एक चांदी के रंग का पत्थर बेच रहे का कहना है, "एक अजीब सा पत्थर बेच रहा हूं. हो सकता है उल्कापिंड का टुकड़ा हो, यूएफो भी हो सकता है, रॉकेट का भी टुकड़ा हो सकता है."

एमजी/एएम (रॉयटर्स)

DW.COM

संबंधित सामग्री