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दुनिया

धीरे धीरे सामान्य होता ब्रसेल्स

तीन दिनों की आतंकी हमले की चेतावनी के बाद बेल्जियम की राजधानी कुछ सामान्य होती जा रही है. पहले दिन की तरह वह एकदम सूनी नहीं दिखती. कुछ पर्यटक होटल के कमरों से बाहर निकले हैं और सर्दियों की धूप का मजा ले रहे हैं.

ब्रसेल्स के बहुत से बच्चे खुश हैं कि स्कूल बंद हैं. गर्मी या ठंड की वजह से नहीं बल्कि इसलिए क शहर में आतंकवादी हमलों की उच्चस्तरीय चेतावनी दी गई है. चेतावनी की वदह से सिर्फ स्कूल और कॉलेज ही बंद नहीं हैं, बैंकों और बड़ी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से घर पर रहकर काम करने को कहा है. बहुत से माता-पिता इसलिए भी घर पर हैं कि बच्चों को रखने वाला कोई नहीं है. सूरज चमक रहा है. दरअसल जाड़े का अच्चा धुपहला दिन है. बच्चों को स्कूल में या बाहर खेलते हुए होना चाहिए था, लेकिन वे घर पर कंप्यूटर गेम खेल रहे हैं. मां लीस कहती हैं, "थोड़ा बहुत डर तो है ही हमें."

सैलानी कम पत्रकार ज्यादा

शहर के केंद्र में ग्रैंड प्लेस पर, जहां रेनासां काल के भव्य भवन हैं, चेतावनी के बावजूद पर्यटक घूम रहे हैं. वे विश्वप्रसिद्ध टाउनहॉल की तस्वीरें ले रहे हैं या टूरिस्ट गाइड में उलझे हुए हैं. ग्रीस से वीकएंड बिताने के लिए ब्रसेल्स आई अन्ना माकरी का मानना है कि जिन आतंकवादियों को खोजा जा रहा है वे पहले ही भाग चुके हैं. एयरपोर्ट पर उन्होंने सुरक्षा को चुस्त दुरुस्त नहीं पाया था. कहती हैं, "मशीनगन लिए सैनिकों को देखकर डर तो लगता ही है. दरअसल आप यूरोप की एक राजधानी में आए हैं, लेकिन यहां देखकर लगता है कि जैसे आप किसी भुतहा शहर में आ गए हों." ओल्ड सिटी में बहुत सी दुकानें और रेस्तरां बंद हैं. जो खुले हैं उनका कारोबार 90 फीसदी कम हो गया है.

जहां भीड़ के कारण आगे बढ़ना मुश्किल होता है वहीं आज ढेर सारी जगह है. सिंगापुर के पर्यटक घो जाम फुई हमले की चेतावनी से डरे हुए नहीं हैं. वे कहते हैं, "इस मायने में हम खुशनसीब हैं. जब हम रेस्तरां में गए तो वह खाली था. यहां बहुत शांति हैं, लेकिन हम यहां घूमते हुए सुरक्षित महसूस कर रहे हैं." टाउनहॉल के सामने एक बख्तरबंद गाड़ी आई है. कभी कभी पुलिस की गश्ती कार भी आ जाती है. ग्रैंड प्लेस या ग्रोटे मार्क्ट पर विशालकाय क्रिसमस ट्री लगाई जा रही है. कुछेक पर्यटकों के अलावा यहां पत्रकारों और कैमरा टीमों की भीड़ लगी है. सिर्फ बेल्जियम के ही नहीं पूरी दुनिया के पत्रकार यहां इकट्ठा हैं.

मोलेनबीक में बंद दुकानें

पूरे शहर में रात में हुई छापामारी के कोई निशान नहीं दिखते. रविवार रात 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, सोमवार को उनमें से कुछ को छोड़ दिया गया. चौथे संदिग्ध के खिलाफ पेरिस हमलों में शामिल होने का मुकदमा दायर किया गया है. लेकिन पेरिस हमलों के लिए जिम्मेदार खोजा जा रहा संदिग्ध सालेह अब्देस्लाम अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है. बेल्जयम के गृहमंत्री यान यामबॉन का कहना है कि छापेमारी पूरी नहीं हुई है और अब्देस्लाम की खोज जारी है. तीन दूसरे हमलावरों की तरह अब्देस्लाम भी ब्रसेल्स के मोलेनबीक इलाके में रहता था. वहां भी ज्यादातर दुकानें बंद हैं. मेट्रो स्टेशन बंद हैं और पुलिस सड़कों पर गश्त लगा रही है.

एक बुजुर्ग फ्लेमिश मार्सेल पुलिसिया बंदोबस्त से खुश नहीं है. मार्सेल इस बात को मानता है कि नाटो जैसे सुरक्षा सं संबंधित संस्थानों का मुख्यालय होने के कारण सुरक्षा जरूरी है, लेकिन "मेरे हिसाब से यह थोड़ा बढ़ाचढ़ाकर है. इसकी वजह से लोगों के मन में डर पैदा हो रहा है. स्थिति अभूतपूर्व है, इसलिए शायद उससे निबटने के लिए अभूतपूर्व कदमों की भी जरूरत है." मार्सेल को नहीं लगता कि पुलिस की खोज कामयाब रहेगी. यहां आसानी से छुपा जा सकता है. "आतंकवादियों को बेल्जियम में खोजना मुश्किल है, क्योंकि यहां बहुत से ऐसे लोग हैं जो बिना किसी पेपर से देश में रह रहे हैं."

आतंकी बसेरा

मोलेनबीक को अब दुनिया भर में आतंकी घोंसले के रूप में जाना जाता है. पेरिस में हुए आतंकी हमले से जुड़े कई संदिग्ध यहीं रहते थे. यहां के लोग अपने मोहल्ले की इस अप्रत्याशित ख्याति से परेशान हैं. कुछ खिड़कियों में बैनर टंगे हैं, "मुझे मोलेनबीक से प्यार है", "मैं मोलेनबीक हूं". ट्विटर पर इस तरह के हैशटैग भी चल रहे हैं.

मोलेनबीक के टॉउनहॉल के सामने का स्क्वैयर खाली पड़ा है. यहां आम तौर पर बाजार लगा होता है. आज एक स्टूडेंट अपनी साइकिल से यहां इधर से उधर जा रहा है. हाउस नंबर 30 के सामने वह रुक जाता है. यहां सालेह अब्देस्लाम का परिवार रहता था. यह छात्र ब्रसेल्स से तीस किलोमीटर दूर स्थित यूनिवर्सिटी टाउन लोएवेन से यहां आया है. "आज मेरी कोई क्लास नहीं थी, इसलिए मैं घटनास्थलों को देखना चाहता था." एक तरह का आतंकवाद पर्यटक. छात्र सहमत होता है लेकिन कहता है कि वह बाजार और दूसरी जगहों को भी देखने जाएगा जहां आम तौर पर पर्यटक आते हैं.

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