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जर्मन चुनाव

धीमे धीमे रफ्तार पकड़ता मतदान

भारत में हो रहे आम चुनाव के सबसे बड़े दिन लोकसभा की 121 सीटों के लिए मतदान हो रहा है. 12 राज्यों के 16.61 करोड़ मतदाताओं के सामने कई नामी चेहरे हैं. कुछ जगहों पर हिंसा भी हुई.

झारखंड में गुरुवार को लोकसभा की छह सीटों के लिए मतदान हो रहा है. बोकारो जिले में मतदान की शुरुआत हिंसा से हुई. माओवादियों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया. हमले में तीन सुरक्षाकर्मियों समेत चार लोग घायल हुए. एकाध जगहों पर छोटे मोटे उपद्रव के अलावा गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ता रहा.

इस चरण में जिन 121 सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं उनमें से पिछली बार 45 कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों को और 47 बीजेपी और उसकी गठबंधन पार्टियों को मिली थीं. पूरी चुनावी तस्वीर में ये सीटें इस बार भी बड़ी भूमिका निभाएंगी.

इस चरण में जिन बड़े नामों की साख दांव पर हैं उनमें कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया, बीजेपी से निकाले गए वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह, मेनका गांधी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, बीजेपी के उपाध्यक्ष गोपीनाथ मुंडे, अजित जोगी, सुप्रिया सुले और केंद्रीय स्वास्थ्य एंव कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद प्रमुख हैं.

चुनाव पंडितों की नजर महाराष्ट्र और कर्नाटक पर टिकी हैं. महाराष्ट्र में 48 सीटें हैं. ओपनियन पोल में यहां बीजेपी और शिवसेना को भारी बढ़त दिखाई जा रही है. कांग्रेस को कर्नाटक से काफी उम्मीदें हैं.

मुकाबले के लिहाज से कर्नाटक की दक्षिण बैंगलोर सीट पर भी नजरें टिकी हुई हैं. वहां बीजेपी के नेता और पूर्व मंत्री अनंत कुमार के खिलाफ इंफोसिस के सहसंस्थापक नंदन नीलकर्णी खड़े हैं. बिहार में लालू प्रसाद यादव की बेटी का चुनावी इम्तिहान भी गुरुवार को ही है. बिहार, यूपी, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गुरुवार के बाद भी चुनाव का अगल चरण आएगा.

ओएसजे/आईबी (पीटीआई, एएफपी)

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