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दुनिया

देहव्यापार पर सख्त होंगे कानून

जर्मनी की गठबंधन सरकार देह व्यापार पर नया कानून बनाने पर बहस कर रही है. देहव्यापार के कानून को सख्त बनाया जा रहा है ताकि पेशे में लगे लोगों को सुरक्षा मिल सके. सरकार में शामिल पार्टियां कुछ मुद्दों पर सहमत हो गई हैं.

प्रस्तावित कानून के अनुसार आने वाले दिनों में चकलाघर चलाने वालों को इसके लिए अनुमति तो लेनी ही होगी साथ ही अपने काम का पंजीकरण भी करना होगा. जर्मनी की परिवार कल्याण मंत्री मानुएला श्वेजिष (एसपीडी पार्टी) ने बताया, "इंसान के सम्मान का अपमान करने वाले फ्लैटरेट सेक्स और गैंग बैंग पार्टियों जैसे व्यावसायिक मॉडलों पर रोक लगाई जाएगी." हालांकि गठबंधन सरकार की पार्टियां यौनकर्मियों के लिए न्यूनतम आयु और कंडोम की अनिवार्यता के मुद्दे पर एकमत नहीं हो पाई हैं.

श्वेजिष ने बताया कि जर्मनी में कानूनी देहव्यापार के लिए पारदर्शी नियम बनाए जाएंगे ताकि इसमें लगी महिलाओं और पुरुषों की सुरक्षा हो सके. देहव्यापार के न्यूनतम आयु पर अभी तक सहमति नहीं हुई है. न्यूनतम आयु को बढ़ाकर 21 करने का प्रस्ताव है. श्वेजिष की दलील है कि ऐसा नहीं होने के कारण किशोर लड़कियां इस अपराध में घसीटी जा रही हैं. हालांकि किसी वजह से देह व्यापार में पड़ी महिलाओं के पास इससे बाहर निकलने की संभावना भी होनी चाहिए. इस बात पर भी बहस हो रही है कि न्यूनतम आयु का ध्यान नहीं रखने वाले चकलाघरों को दंड दिया जाएगा.

परिवार कल्याण मंत्री को उम्मीद है कि इस तरह के दंड के प्रावधान से लोग जबरन देहव्यापार के बारे में अधिकारियों को खबर देंगे. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि गठबंधन पार्टनर जल्द ही सभी मुद्दों पर सहमत हो जाएंगे.

इरोटिक और यौन सर्विस करने वालों के संघ बीईएसडी ने कड़े कानूनों की आलोचना की है. उनका कहना है कि भले ही अच्छाई के लिए यौनकर्म के लिए न्यूनतम आयु 21 रखने का प्रस्ताव दिया गया हो लेकिन असल में यह दाएं बाएं से निकल जाएगा. इसे अवैध बनाने पर कम उम्र के यौनकर्मियों का शोषण होने की आशंका है. वर्तमान कानूनों से भी अवैध देह व्यापार को पकड़ा जा सकता है, कानून में ढिलाई नहीं है.

एएम/एमजे (एएफपी, डीपीए)

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