′देशद्रोही′ फूफा को फांसी | दुनिया | DW | 13.12.2013
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दुनिया

'देशद्रोही' फूफा को फांसी

उत्तर कोरिया ने शासक किम जोंग उन के फूफा को फांसी पर चढ़ा दिया. कभी देश की सबसे ताकतवर हस्ती रहे जांग सोंग थाएक को सैन्य अदालत के फैसले के तुरंत बाद फांसी दे दी गई. उन्हें देशद्रोही करार दिया गया.

देश में दूसरे सबसे अहम नेता माने जाने वाले जांग सोंग थाएक को इसी महीने की शुरुआत में कम्युनिस्ट पार्टी से बाहर किया गया था. पार्टी बैठक के दौरान जांग को सादी पोशाक में आए अधिकारियों ने गिरफ्तार किया. गुरुवार को उन्हें सैन्य अदालत के सामने पेश किया गया. उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक सुनवाई के दौरान जांग ने तख्ता पलट की कोशिश के आरोप स्वीकार किए. जांग ने कहा, "मैं तख्ता पलट की तैयारियां कर रहा था. मैं अपने करीबी सैन्य अफसरों या अपने विश्वासपात्रों के सहारे सेना को इसके लिए तैयार करने की कोशिश कर रहा था."

हालांकि उत्तर कोरिया सरकार के इशारों पर चलने वाली केएनसीए एजेंसी के इन दावों की सच्चाई की पुष्टि मुश्किल है. फैसले के बाद दो अधिकारी जांग को खींचते हुए ले गए. एक का हाथ उनकी गर्दन पर था. ये वीडियो उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया पर चल रहा था. इसके कुछ ही देर बाद सरकारी मीडिया ने खबर दी कि "सबसे बड़े देशद्रोही को फांसी दे दी गई है". जांग से पहले इसी मामले में सेना के दो अधिकारियों को भी मौत की सजा दी गई.

Nordkorea Chang Sung-taek Portrait

जांग सोंग थाएक

दोस्त से दुश्मन

किम जोंग इल की मौत के बाद 2011 में देश की सत्ता उनके बेटे किम जोंग उन को सौंपी गई. उन को उत्तराधिकारी बनाने की प्रक्रिया में जांग ने बड़ी भूमिका निभाई. इस दौरान खुद जांग सेना प्रमुख बन गए. हालांकि इसके बाद दोनों के बीच खाई बढ़ती चली गई. नवंबर 2013 में जांग को सेना प्रमुख के पद से हटा दिया गया. साथ ही उनके खिलाफ जांच भी शुरू हो गई.

विशेषज्ञों के मुताबिक 30 साल के उन तेजी से उत्तर कोरिया को अपने नियंत्रण में ले चुके हैं. वो हर उस व्यक्ति से दूरी बना रहे हैं जो उनकी निगाह में संदिग्ध है. अमेरिका ने उनके इस रुख की आलोचना की है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मेरी हार्फ ने कहा, "अगर इसकी पुष्टि होती है तो ये उत्तर कोरिया की अति बर्बरता का एक और उदाहरण है."

आतंक की हुकूमत

दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्वेन हाई ने किम जोंग उन पर अपनी गद्दी बचाने के लिए "आतंक की हुकूमत" फैलाने का आरोप लगया है. शुक्रवार को सियोल के कोरियाई एकीकरण मंत्रालय ने उत्तर कोरिया की ताजा घटना पर गहरी चिंता जताई.

उत्तर कोरिया में किम परिवार का राज पिछले छह दशक से चल रहा है. परिवार के हाथ में सेना और खुफिया एजेंसी की कमान है. सियोल में उत्तर कोरिया मामलों के जानकार प्रोफेसर यांग मू जिन कहते हैं, इन फांसियों के जरिए "वो लोगों के भय को उच्चतम स्तर पर ले जाना चाहते हैं ताकि किम जोंग उन के प्रति वफादारी बनी रहे और उनका एक व्यक्ति शासन बेहद मजबूत हो जाए."

ओएसजे/एजेए (एएफपी, एपी)

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