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दुनिया

दुनिया का चक्कर काटने चली भारत की जल परियां

भारत की छह महिलाएं जहाज लेकर निकल दुनिया का चक्कर लगाने निकल पड़ी हैं. ऐसा पहली बार है कि दुनिया का चक्कर लगाने के लिए भारत से केवल महिलाओं का दल रवाना हुआ है.

ये भी संयोग ही है कि महिलाओँ के इस दल को रवाना करने के लिए रक्षा मंत्री के रूप में निर्मला सीतरामन मौजूद थीं जो भारत मे इस पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला हैं. 8 दिन पहले रक्षामंत्री का पदभार संभालने वाली सीतारमन ने पणजी में महिलाओं के इस दल को झंडा दिखा कर रवाना किया. इनके दल का नाम है "नाविका सागर परिक्रमा" और ये महिलाएं 165 दिनों में पूरी धरती का चक्कर लगायेंगी. महिलाओं का यह दल सागर में आईएनएसवी तारिणी जहाज लेकर रवाना हुआ है. 55 फीट लंबा यह जहाज भारत में बना है और इसे इसी साल भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है. 

इस दल के सदस्यों को कमांडर दिलीप ढोंडे ने ट्रेनिंग दी है. वह भारत के पहले नाविक हैं जिन्होंने अकेले पूरी धरती का चक्कर लगाया है. दल के सदस्यों में भारत के अलग अलग राज्यों की महिला नौसैनिक हैं. लेंफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी और लेफ्टिनेंट पायल गुप्ता उत्तराखंड से हैं तो लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल हिमाचल से और लेफ्टिनेंट कमांडर पी स्वाति आंध्र प्रदेश से जबकि तेलंगाना से लेफ्टिनेंट ऐश्वर्य बोद्दापती और लेफ्टिनेंट शौरग्राकपाम विजया देवी मणिपुर से हैं. नाविकाओं के दल ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इन महिला नाविकों के दल को अपनी शुभकामनाएं दी. यह पहला मौका है जब भारत से महिलाओं का कोई दल दुनिया का चक्कर लगाने निकला है. यह दल अगले साल मार्च में पणजी में ही अपनी यात्रा पूरी करेगा. पूरी यात्रा पांच चरणों में पूरी होगी. इस दौरान चार जगहों पर इसका पड़ाव होगा. पड़ाव ऑस्ट्रेलिया के फ्रेमांटेल, न्यूजीलैंड में लिटेलटॉन फाकलैंड के पोर्ट स्टैनले और दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में इस परिक्रमा के पड़ाव होंगे.

निखिल रंजन

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