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विज्ञान

दिल के मरीजों के लिए विमान का शोर खतरनाक

रात को विमान का शोर हृदय रोगियों के लिए गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है, खास तौर से सुकून की नींद के आदी लोगों के लिए.

विमान का शोर हृदय रोगियों पर किस तरह से असर करता है इस पर जर्मनी में एक शोध किया गया. जर्मनी की माइंज यूनिवर्सिटी क्लिनिक ने 60 ऐसे मरीजों पर शोध किया जो रात की सुकून भरी नींद के आदी हैं. वैज्ञानिकों ने उपकरणों की मदद से मरीजों के घरों में विमान से निकलने वाली तेज आवाज पैदा की. एक ही रात के दौरान 60 विमानों की आवाज पैदा की गई, विमान की ध्वनि के निचले स्तर की तुलना में इनका औसत शोर स्तर 46 डेसीबल था.

नया शोध 2013 में हुए एक शोध को आगे बढ़ाता है. उस शोध में वैज्ञानिकों ने पाया था कि विमान का शोर रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिस कारण उच्च रक्तचाप, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है. मुख्य शोधकर्ता फ्रैंक श्मिट का कहना है कि नया शोध यह बताता है कि कोरोनरी हृदय रोग के मरीजों में जोखिम कहीं अधिक रहता है.

ध्वनि प्रदूषण के आदी लोगों के बारे में शोध में कोई जानकारी नहीं दी गई है. ऐसे मरीजों को शोध से बाहर रखा गया है जो हवाई, सड़क और रेल यातायात के करीब रहते हैं. श्मिट का कहना है कि शोध टीम 100 मरीजों पर रिसर्च करना चाहती थी लेकिन जो नतीजे 60 मरीजों को लेकर आए हैं वह स्पष्ट हैं और अगर शोध को आगे बढ़ाया जाता तो नैतिकता की समस्या खड़ी हो सकती थी. उनके मुताबिक शोर के कारण रक्त वाहिकाओं में गिरावट होती है, चाहे मरीज इसे रोकने के उद्देश्य से दवा का सेवन ही क्यों न कर रहा हो.

हाल ही में फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के पास तीसरे टर्मिनल की इजाजत दी गई है, ऐसे में हवाई जहाज के शोर को लेकर हुए शोध के नतीजे ज्यादा अहम साबित होते हैं. फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट जर्मनी का सबसे व्यस्त एयरपोर्टों में से एक है. एक डॉक्टर ने नए टर्मिनल को रद्द करने की मांग भी की है.

एए/आईबी (डीपीए)

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