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दुनिया

दिल्ली में एंटी-स्मॉग योजना दो दिन में पेश करने के आदेश

भारत के सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एंटी-स्मॉग योजना बनाने के लिए दिए दो दिन.

दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी दिल्ली में स्मॉग का संकट जारी है. भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से इससे निपटने के लिए दो दिन का समय दिया. है. बीते करीब 10 दिनों से राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में जहरीली हवा फैली है. धुएं और धुंध के मिश्रण से बनने वाला स्मॉग उत्तर भारत में दिवाली के बाद से काफी बढ़ गया है.

एक पर्यावरण संस्था ने एक हफ्ते पहले ही सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत याचिका दायर की थी. याचिका में मौजूदा हालात को एक "सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल" बताते हुए मांग की गई है कि प्रदूषण के स्तर को कम करने की सरकार की पिछली कोशिशों का विश्लेषण किया जाए.

याचिका पर सुनवाई के दौरान मंगलवार को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से दो दिन का वक्त मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया. इन दो दिनों में सरकार को स्मॉग के खिलाफ अपनी योजना पेश करनी है. भारत सरकार की ओर से देश के सोलिसिटर जनरल रंजीत सिंह ने कहा, "मुझे दो दिन दीजिए. हम कल पर्यावरण सचिव के साथ बैठक करेंगे और दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के उपायों की एक विस्तृत योजना बनाएंगे."

आम तौर पर भारत में जाड़ों की शुरुआत से ही वायु की गुणवत्ता खराब होने लगती है. इस समय दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में किसान भी अपनी फसलें काटने के बाद खेत में बची खुची खूंटी को आग लगाते हैं. हवा का तापमान कम होने के कारण इसके जलने से निकलने वाले प्रदूषक कण स्मॉग का हिस्सा बन जाते हैं. और शहरों के ऊपर धुंध की चादर छाई दिखती है.

मंगलवार सुबह दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के पास हवा में पीएम2.5 कणों का स्तर 372 दर्ज हुआ, जो सोमवार के मुकाबले काफी कम था. पीएम कण वे छोटे कण होते हैं जो गंभीर ब्रॉन्काइटिस, फेफड़ों के कैंसर और दिल की कई बीमारियों का कारण बनते हैं. हवा में इनका 301 से 500 के बीच का स्तर ही "खतरनाक" माना जाता है. यानि इतने पीएम कण सांस से जुड़ी कई तकलीफों का कारण बन सकते हैं.

स्मॉग की गंभीर समस्या को देखते हुए दिल्ली प्रशासन ने धार्मिक अवसरों के अलावा पटाखे जलाने पर रोक लगा दी है. दिल्ली सरकार ने सोमवार से तीन दिन के लिए सभी स्कूल बंद कर दिए हैं और शहर में चल रहे तमाम निर्माण कार्यों पर पांच दिन के लिए रोक लगा दी है. कोयले से चलने वाले एक बिजली संयत्र को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. स्मॉग की ऐसी सी गंभीर समस्या से भारत का पड़ोसी देश चीन भी परेशान है. 2008 के ओलंपिक खेलों के आयोजन से पहले बीजिंग में इसके लिए क्लाउड-सीडिंग की तकनीक का इस्तेमाल कर कृत्रिम बारिश करवाई गई थी. दिल्ली प्रशासन इस उपाय के बारे में भी विचार कर रहा है.

आरपी/एके (एएफपी)

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