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दुनिया

दिल्ली चुनावों में चढ़ा सियासी पारा

सात फरवरी के दिल्ली चुनावों की तैयारी पूरे जोरों पर है. वैसे तो राजधानी में तीन प्रमुख पार्टियों के बीच टक्कर है, लेकिन कहीं ना कहीं मुकाबला मुद्दों के बजाए विरोधी पार्टियों के उम्मीदवारों केजरीवाल और बेदी का बन गया है.

भारत की राजधानी दिल्ली के चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच दिलचस्प त्रिकोणीय मुकाबला होना है. जहां आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल फिर से मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, तो वहीं भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में उनकी पूर्व सहयोगी किरण बेदी बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद की दावेदार हैं.

केजरीवाल ने बुधवार को विरोधी दल के एक "वरिष्ठ नेता" पर आप के चुनावी उम्मीदवारों के खिलाफ मीडिया में मनगढ़ंत कहानियां फैलाने का आरोप जड़ा. केजरीवाल ने कहा है कि इस बात की शिकायत चुनाव आयोग में भी दर्ज कराएंगे. केजरीवाल ने ट्वीट में पहले भी हो चुकी ऐसी कोशिशों के बारे में टिप्पणी की है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "पिछले साल भी चुनावों के कुछ ही दिन पहले हमें बदनाम करने के लिए हमारे छह उम्मीदवारों के खिलाफ "फर्जी" स्टिंग दिखाए गए थे."

बीजेपी की ओर से सुषमा स्वराज, स्मृति ईरानी समेत कई केन्द्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री दिल्ली में जगह जगह चुनाव प्रचार में लगे हैं. तमाम वरिष्ठ और भीड़ खींचने वाले नेताओं के साथ बीजेपी भी अब अपनी पूरी ताकत से दिल्ली के चुनावी मैदान में कूद पड़ी है. अपनी चुनावी सभा में पार्टी की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा को बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी की एक बड़ी उपलब्धि बताया. चुनाव आयोग किरण बेदी के नाम पर जारी हुए दो वोटर कार्डों की जांच भी कर रहा है.

आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ना सिर्फ बेदी के साथ चली आ रही खींच तान के कारण सुर्खियों में रहे, बल्कि कांग्रेस और बीजेपी के लिए घूस वाली टिप्पणियों के कारण भी. मंगलवार को ही चुनाव आयोग से उन्हें ऐसे बयान ना देने की चेतावनी मिली और उसी दिन केजरीवाल ने फिर कई रैलियों में अपना बयान दोहरा दिया. उन्होंने फिर कहा कि मतदाता भले ही कांग्रेस और बीजेपी से घूस ले लें, मगर अपना मत आप को ही दें. चुनाव आयोग ने अब ऐसे बयानों को दोहराने पर केजरीवाल के खिलाफ "कड़ी कार्रवाई" करने का निर्देश जारी किया है.

जल्दी ही चुनाव आयोग दिल्ली के करीब 1.3 करोड़ मतदाताओं को फोटो वोटर स्लिप देने वाला है. फर्जी वोटरों को रोकने के लिए 2013 में ही फोटो वोटर स्लिप लाने का निर्णय हुआ था. चुनाव आयोग ने 'पहले करेंगे पता, फिर चुनेंगे नेता' नाम के एक खास अभियान की शुरुआत की है. शहर में जगह जगह पोस्टर लगाए गए हैं और मतदाताओं से चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर सभी उम्मीदवारों का पूरा ब्यौरा पढ़ कर ही अपने मत का इस्तेमाल करने की अपील की गई है.

दिल्ली में करीब एक साल से राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है. 7 फरवरी को दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए मतदान होगा और नतीजे 10 फरवरी को आएंगे. 7 फरवरी को ही जम्मू कश्मीर में भी चार राज्यसभा सीटों के लिए भी चुनाव होने हैं.

आरआर/एमजे(पीटीआई)

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