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दुनिया

दिल्ली के चौथे "कार-फ्री डे" में चलीं कारें

दिल्ली में चौथी बार कार-फ्री डे आयोजित किया गया लेकिन इस बार सड़कों पर कारें देखने को मिलीं. उप मुख्यमंत्री मनीष शिशोदिया ने कहा पुलिस पूरी करे अपनी जिम्मेदारी.

दिल्ली सरकार छोटे छोटे कदम ले कर आगे बढ़ रही है. जहां दुनिया के अन्य शहरों में कार-फ्री डे के दौरान पूरे शहर में ही कारों की आवाजाही पर रोक लग जाती है, वहीं दिल्ली में छोटे छोटे इलाकों को इनके लिए चुना जा रहा है. अक्टूबर 2015 से हर महीने की 22 तारीख को कार-फ्री डे के रूप में मनाया जा रहा है.

हालांकि पहला कार-फ्री डे दशहरे के पर्व के कारण केवल आधे दिन के लिए ही मनाया जा सका लेकिन उसके बाद से सुबह 8 से शाम 4 बजे तक, यानि दफ्तर के वक्त के दौरान सड़कों को कार-फ्री रखने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए हर बार दिल्ली का एक अलग इलाका चुना जाता है.

पहली बार दिल्ली के बीचोबीच लाल किले से इंडिया गेट तक, तो दूसरी बार पश्चिम दिल्ली के द्वारका में. इसके बाद 22 दिसंबर को पूर्वी दिल्ली में लक्ष्मी नगर से करकरी मोड़ के बीच और इस बार उत्तर में विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन से छत्रसाल स्टेडियम तक. अब अगले महीने दक्षिण दिल्ली की बारी है.

इस तरह से दिल्ली सरकार शहर के हर हिस्से में कम से कम एक बार कार-फ्री डे की कोशिश कर चुकी होगी. अब तक छह छह किलोमीटर में ही कारों पर रोक लगती रही है लेकिन शायद उसके बाद इसे बढ़ाया जाए क्योंकि सड़कों पर जाम और हवा में धुएं, दोनों में कमी दर्ज हो रही है.

हालांकि इस बार कार-फ्री डे के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी वाले रास्ते पर कारें देखने को मिली, जिससे दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया काफी नाराज दिखे. उन्होंने कहा, "मैं देख रहा हूं कि कार-फ्री रास्ते पर कारें चल रही हैं. पुलिस को कुछ जिम्मेदारी उठानी चाहिए. हम पुलिस को ऑड ईवन का पूरा श्रेय भी देने को राजी हैं."

पुलिस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, "आपको क्या मिल जाएगा अगर कार-फ्री डे विफल हो जाएगा? लेकिन अगर ऐसा कर के आपको संतोष मिलता है, तो कीजिए, हम कुछ नहीं कहेंगे." वहीं दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि स्पेशल कमिश्नर, परिवहन ने उन्हें पत्र लिख कर कहा कि वॉलंटियरों को कार-फ्री डे के दौरान ट्रैफिक संभालने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

"अब बस करें" के नारे के साथ अगले कार-फ्री डे में पौधे लगाने की मुहिम शुरू करने की भी सरकार की योजना है.

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