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दुनिया

दिल्ली का केजरीवाल से मोहभंग

दिल्ली नगर निगम के चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत ने आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री के राजनीतिक भविष्य पर सवाल खड़े कर दिये हैं.

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के चुनावों में बीजेपी को कुल 272 में से 182 सीटें मिली हैं. दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी रही, जिसे 47 वार्ड्स मिले. वहीं तीसरे नंबर पर रही कांग्रेस के सिर्फ 29 उम्मीदवार ही जीते. पूर्व, उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली में हर जगह बीजेपी ही जीती.

कांग्रेस के कई नेताओं ने इस करारी हार की जिम्मेदारी ली है. अजय माकन और पीसी चाको जैसे नेताओं ने खुद को हार का जिम्मेदार माना.

वहीं दिल्ली में सरकार चलाने वाली आम आदमी पार्टी ने अब भी हार के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को जिम्मेदार ठहराया है. पार्टी के नेता गोपाल राय ने चुनावी नतीजों को मोदी की लहर के बजाए ईवीएम की लहर करार दिया. इसके बाद सोशल मीडिया पर आप का खूब मजाक भी उड़ा. ट्विटर पर #आप_साफ चलने लगा.

एमसीडी चुनावों में मिली करारी हार से आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की हालत और नाजुक होगी. पंजाब से पार्टी के सांसद भगवंत मान ने भी अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की आलोचना की है. संगरूर के सांसद मान ने कहा, पार्टी के नेता "मुहल्ले की क्रिकेट टीम की तरह व्यवहार कर रहे हैं. अभी ईवीएम में खामी ढूंढने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि पार्टी का नेतृत्व ही चुनावों की रणनीति को लेकर ऐतिहासिक गलतियां कर रहा है." मान ने कहा कि उनके सामने दूसरे राजनीतिक विकल्प भी खुले हैं.

जाने माने चुनाव विश्लेषक और स्वराज इंडिया पार्टी के संस्थापक योगेंद्र यादव ने कहा, "एक बात साफ तौर पर स्वीकार करनी चाहिए कि बीजेपी बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है, क्योंकि दिल्ली के लोग ऐसा चाहते थे. ऐसा नहीं है कि ईवीएम के भीतर कोई सॉफ्टवेयर छुपा है, जिसकी वजह से ऐसा हो रहा है. इसका एमसीडी के प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं हैं, यह बात दिल्ली के लोग भी जानते हैं."

स्वराज इंडिया पार्टी खुद भी एमसीडी चुनावों में मैदान में थी. कभी आम आदमी पार्टी का मुख्य चेहरा माने जाने वाले योगेंद्र यादव के मुताबिक बीजेपी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से यह जीत मिली है, "लोगों ने सीएम को नकारा है और पीएम को चुना है."

वहीं आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और पूर्व पत्रकार आशुतोष ने केजरीवाल का इस्तीफा मांगने वालों पर पलटवार किया है. आशुतोष ने कहा कि, "क्या दिल्ली में हार के बाद मोदी ने पद छोड़ा? तो केजरीवाल क्यों छोड़ें?"

(कितने राज्यों में है बीजेपी की सरकार)

ओएसजे/आरपी (पीटीआई)

 

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