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खेल

"दिलशान ने दी नो बॉल फेंकने की सलाह"

मीडिया खबरों के मुताबिक श्रीलंका के बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान ने गेंदबाज सूरज रणदीव से सोमवार को वनडे मैच में नो बॉल डालने को कहा जिसकी वजह से भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अपना शतक पूरा नहीं कर पाए.

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शतक से रह गए महरूम

श्रीलंका क्रिकेट इस मामले की जांच कर रहा है और इस बारे में उसने भारतीय टीम से माफी भी मांग ली है. खुद रणदीव को भी इसका अफसोस है और वह सहवाग से माफी भी मांग चुके हैं. श्रीलंका के 'द आइलैंड' अख़बार का कहना है कि मैच के आखिर में दिलशान ने रणदीव को नो बॉल फेंकने का सुझाव दिया. हालांकि सहवाग ने इस गेंद पर छक्का लगाया लेकिन वह एक रन से सेंचुरी से चूक गए. भारत ने यह मैच छह विकेट से जीता.

रांदीव की तरफ से फेंकी गई इस नो बॉल की हर तरफ निंदा हो रही है और इसे खेल भावना के विपरीत माना जा रहा है. अख़बार के मुताबिक कवर पॉइंट पर फील्डिंग कर रहे दिलशान ने चिल्लाकर सिंघली भाषा में कहा, "अगर तुम चाहो, तो नो बॉल फेंक सकते हो." रिपोर्ट के मुताबिक टीम के किसी अन्य खिलाड़ी ने दिलशान की इस सलाह पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

मैच के बाद हुई प्रेस कांफ्रेस में श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा ने संकेत दिया कि किसी ने रणदीव से नो बॉल फेंकने को कहा. उनके मुताबिक, "अगर यह जानबूझ कर किया गया है, तो मुझे रणदीव से बात करनी पड़ेगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसा फिर कभी न हो. मुझे यह भी देखना है कि क्या गेंद फेंके जाने से पहले इस बारे में मैदान पर कोई बात हुई."

वैसे श्रीलंका क्रिकेट की जांच में स्टंप माइक्रोफोन के ऑडियो से यह भी पता चला है कि संगकारा ने रणदीव से यह कहा था, "अगर वह गेंद खेलता है तो उसे रन मिलेंगे." दिलशान आईपीएल की डेल्ही डेयरडेविल्स टीम में सहगाव के साथी ही हैं. वह इस साल जिम्बाब्वे में खेली गई तीन देशों की वनडे सीरीज में श्रीलंकाई टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं.

उधर इस मामले पर श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड और खुद रणदीव की माफी के बाद भारतीय टीम प्रबंधन ने कहा है कि यह मामला खत्म हो गया है. बीसीसीआई ने भी कहा है कि वह आगे इस मामले को नहीं उठाएगा.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः उभ

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