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विज्ञान

दिमाग लगाया, हवा को बिस्तर बनाया

इंसान अपने आस पास मौजूद हवा का बहुत ही कम इस्तेमाल करता है. कुछ युवाओं ने इसी बात को समझा और गजब का आविष्कार कर डाला.

कुछ युवा छुट्टियां बिताने के लिए इंडोनेशिया के मशहूर द्वीप बाली पहुंचे. समंदर में नहाने के बाद उनकी इच्छा हुई कि आराम से लेटकर धूप और प्राकृतिक नजारे का मजा लिया जाए. लेकिन रेत कभी ठंडी होती तो कभी गर्म, ऊपर से बहुत ज्यादा आरामदायक भी नहीं थी.

बस यहीं से उनके दिमाग में एक आसान बीच बेड बनाने का आइडिया आया. युवाओं ने वापस अमेरिका जाकर एक स्टार्ट अप कंपनी बना दी. जर्मन तकनीक का सहारा लिया और बहुत ही छोटा, आसान, हल्का व आराम से इधर उधर ले जाने लायक बिस्तर बना दिया. देखिये कैसे काम करता है ये बीच बेड.

असल में यह नायलॉन से बना एक बड़ा बैग है. जिसमें हवा भरी जाती है. हवा बाहर न निकले इसका पुख्ता इंतजाम किया गया है. हवा को बीच बेड में कैद करने के बाद कोई भी उस पर आराम से लेटकर समंदर, प्राकृतिक नजारे या सूर्यास्त का आनंद ले सकता है. इतना ही नहीं काफी घूमने फिरने वाले तो इसको स्लीपिंग बैग की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं. यह स्लीपिंग बैग की तुलना में छोटा, हल्का और आरामदायक है. बस जरूरत है तो ऊपर एक कंबल की.

अब देखा दिमाग लगाया जाए तो अभी भी क्या कुछ बनाया जा सकता है.

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