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मनोरंजन

दिन जूते में तोहफे का

छह दिसंबर के दिन पूरे यूरोप के बच्चे एक ही व्यक्ति का इंतजार करते हैं कि वह आएगा और उनके जूतों में चॉकलेट, मिठाई और अच्छी अच्छी चीजें रख कर जाएगा. यह व्यक्ति हैं सेंट निकोलस.

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जर्मनी में कहा जाता है कि अगर बच्चे का व्यव्हार अच्छा है तो उसे खास तोहफे छह दिसंबर को मिलते हैं. सेंट निकोलस दिवस मनाने की परंपरा जर्मनी से ज्यादा नीदरलैंड्स में है जहां इसे सिंटरक्लास के नाम से जाना जाता है. ठंडी, बर्फीली शामें भी बच्चों के उत्साह को कम नहीं कर पाती. कहा जाता है कि सिंटरक्लास अपने जन्म दिन से ठीक तीन सप्ताह पहले पांच दिसंबर को नीदरलैंड्स आता है, फिर तीन हफ्ते वह अपने सफेद घोड़े अमेरिको पर सवार रहता है और इन दिनों बच्चों को सरप्राइज उपहार मिलते हैं, हर रात निकोलस बच्चों के जूतों में कुछ न कुछ उपहार डाल कर जाता है. कहते हैं कि जन्मदिन के बाद सिंटरक्लास स्पेन में अपने घर लौट जाता है जहां वह साल भर बच्चों के लिए खिलौने बनाता है जिसमें उनकी मदद करते हैं ब्लैक पीटर्स (ज़्वार्टे पीटेन).

Ikonen des Heiligen Nikolaus Türkei Anatolien

पवित्र निकोलस की याद में

इतिहास

सिंटरक्लास, सांता क्लॉज जैसे मिथक इतिहास के आस पास बुने हुए हैं उनका कोई सीधा संबंध इतिहास से नहीं है. सिंटरक्लास इतिहास में मिरा (तुर्की का शहर) के बिशप रहे हैं. वह तीसरी सदी के थे. वो वन्डरवर्कर के नाम से पहचाने जाते थे. अक्सर वह चुपचाप गरीब लोगों के जूतों में कुछ पैसे रख देते थे. वह अपने मददगार स्वभाव, दान और प्रेम भाव के लिए जाने जाते थे. उन्हीं के नाम पर 6 दिसंबर मनाया जाता है. जर्मनी में 5 दिसंबर को बच्चे अपने जूते बाहर रखते हैं जिसमें निकोलस मिठाई, मेवे, चॉकलेट रख कर जाता है. बताया जाता है कि 270 ई.पू. निकोलस का जन्म पेटेरा में हुआ जो वर्तमान में तुर्की में है. इसके बाद उनके आस पास कई मिथक जुड़ते गए कि वह गरीबों की सहायता करते हैं, निष्पाप लोगों को सजा से बचाते हैं.

Nikolaus Seoul

सांता क्लॉज 19 वीं सदी का अविष्कार...

सांता क्लॉज का अविष्कार

इसी मिथक से फिर क्राइस्ट किंड (यीशु पुत्र) और फिर सांता क्लॉज का जन्म हुआ. सांता क्लॉज या वाइनाख्ट्समान 19वीं सदी का मिथक है. जो क्राइस्ट किंड के साथ 24 दिसंबर को तोहफे बांटता है. इस अविष्कार का श्रेय सुधारक मार्टिन लूथर किंग को जाता है. लाल कपड़े पहने सफेद दाढ़ी वाले सांता का जन्म 19 वीं सदी का है. नीदरलैंड्स के पॉपुलर कल्चर एंड फोल्कलोर के इतिहासकार अलबर्ड फान देन जिदे बताते हैं, "मध्यकाल में यह पूरे यूरोप में मनाया जाता था और रोमन कैथोलिक चर्च से जुड़ा हुआ था. लेकिन 16 वीं शताब्दी में नीदरलैंड्स प्रोटेस्टेंट हो गया और इसलिए कैथोलिक चर्च से जुड़े सेंट निकोलस का त्यौहार मनाना मुश्किल हो गया. तो इसमें थोड़ा फेरबदल कर दिया गया. 16 वीं शताब्दी में यह घरों में मनाया जाने लगा और सेंट निकोलस ऐसे व्यक्ति बन गए जो बच्चों को तोहफे देते."

साथ ही एक विवाद भी इससे जुड़ा निकोलस के सहयोगी ब्लैक पीटर्स का.. कि वह काला है, और गुलामी का प्रतीक है.

लेकिन विवादों से परे बच्चों के लिए यह एक त्यौहार है जो उन्हें तरह तरह के उपहार, लाकर देता है.

रिपोर्टः डॉयचे वेले/आभा मोंढे

संपादनः एन रंजन

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