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दुनिया

दलित स्कॉलर की आत्महत्या पर हंगामा

हैदराबाद में एक दलित रिसर्च स्कॉलर रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. पुलिस ने केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है.

साइबराबाद पुलिस ने रोहित वेमुला की आत्महत्या के एक दिन बाद उनके साथियों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की है. उसमें केंद्रीय मंत्री के अलावा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अप्पा राव पोडिले पर भी आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप दर्ज किया गया है. रोहित वेमुला उन पांच दलित छात्रों में शामिल थे जिन्हें हैदरावाद यूनीवर्सिटी ने निकाल दिया था.

आत्महत्या से पहले लिखे अपने पत्र में रोहित वेमुला ने लिखा है, "एक आदमी की कीमत उसकी फौरी पहचान और करीबी संभावना तक सीमित कर दी गई है. एक वोट तक. एक नंबर तक. एक वस्तु तक. कभी भी एक इंसान को उसके दिमाग से नहीं आंका जाता." अपने पत्र में रोहित ने किसी को अपने फैसले के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है.

25 वर्षीय रोहित वेमुला साइंस टेक्नॉलॉजी एंड सोसायटी स्टडीज में पीएचडी कर रहे थे. दो साल की पढ़ाई के बाद वे छात्र राजनीति से जुड़ गए और पिछले साल अगस्त में भारतीय जनता पार्टी के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से उनकी अनबन हो गई थी. उसी सिलसिले में लिखे पत्र के कारण अब दत्तात्रेय संदेह के घेरे में हैं.

भारत सरकार के शिक्षा मंत्री ने रोहित वेमुला की आत्महत्या की जांच के लिए दो सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल हैदराबाद भेजा है.

दलित रिसर्च स्कॉलर की आत्महत्या के बाद छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर अब तक व्याप्त जातिवाद पर जमकर बहस हो रही है.

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