1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

जर्मन चुनाव

दलित वोटों के लिए जंग

आखिरकार राहुल गांधी ने मायावती को खुली चुनौती दे ही दी . अंबेडकर जयंती के दिन अंबेडकर नगर से राहुल ने साफ़ लफ़्ज़ों में कहा कि धर्म और जाति की राजनीति का अंत हो चुका है और ये बात सारा देश जानता है.

default

युवाओं को आवाज़

उन्होंने युवा शक्ति का आवाहन करते हुए कहा के गांवों के विकास के लिए युवाओं को आगे आना होगा.

उधर लखनऊ में मायावती ने कांग्रेस को दलितों और पिछडो की दुर्दशा का ज़िम्मेदार बताते हुए कहा के दलित महापुरुषों का निरादर करने वाली कांग्रेस पिछड़ों की बदहाली की भी ज़िम्मेदार है. राज्य में बुधवार को मायावती और राहुल की रैलियों को लेकर माहौल गरम रहा. बसपा ने पहले से ही अंबेडकर जयंती पर मंहगाई और महिला आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन की घोषणा कर रखी थी. राहुल के अंबेडकर नगर में कार्यक्रम लगने से मायावती तिलमिला गईं और उन्होंने लखनऊ के अंबेडकर स्मारक में प्रदर्शन के लिए जमा भीड़ को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर प्रहार किये. इसके बाद वो हेलीकाप्टर से प्रदेश भर में प्रदर्शन के हवाई दौरे के लिए निकल गईं. वो आज सुबह अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग से भी डेढ़ किलोमीटर पर बने अंबेडकर स्मारक में हेलीकाप्टर से ही आईं थीं.

कांग्रेस पर आक्षेप

दलित वोटों की लड़ाई अंबेडकर जयंती के दिन अंबेडकर नगर से शुरू हुई तो सूबे की राजधानी लखनऊ में बसपा मुखिया मायावती खामोश कैसे रह सकती थी . अंबेडकर जयंती पर अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद उन्होंने आज २५०० करोड़ से बने अंबेडकर स्मारक में जमा भीड़ को संबोधित करते हुए कहा के देश और दलितों की बदहाली के लिए कांग्रस ही ज़िम्मेदार है. उन्होंने कहा के कांग्रेस ने दलित और पिछड़े वर्ग के महापुरुषों और संतों को कभी सम्मान नहीं दिया. कांग्रेस का ये आचरण अशोभनीय और निंदनीय है.

Ministerpräsidentin des indischen Bundesstaates Uttar Pradesh Mayawati

मूर्तियों पर माल्यार्पण की माया

यही कारण है कि जब संसद में पहली बार बसपा पहुंची तो उसने दबाव बनाया और गैर कांग्रेसी सरकार में बाबा साहब को भारत रत्न दिलाया जा सका. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस दलित और पिछड़े वर्ग के महापुरुषों को उचित सम्मान और आदर देती तो बसपा को दलित महा पुरुषों के नाम पर स्मारक बनवाने नहीं पड़ते. उन्होंने कहा के वो दलित पिछडो के महापुरुषों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी. महिला आरक्षण का विरोध करते हुए उन्होंने कहा के डाक्टर अंबेडकर भी महिलाओं के सम्मान की बात करते थे. दलित और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिए बिने ये कानून लागू नहीं होने दिया जाएगे. बसपा इसके खिलाफ देशव्यापी अभियान चलेगी.

आक्रामक राहुल

अंबेडकर नगर में राहुल गांधी ने बसपा पर जमकर प्रहार किया. राहुल आक्रात्मक लहज़े में बोले के दो तरह का भारत चाहने वालों से सावधान रहने की ज़रुरत है. एक हिंदुस्तान वो है चमकता है और लखनऊ में है. दूसरा वो है जो भारत के गांवों में रहता है. उन्होंने कहा के अब समय अ गया है के हमने राजनीति दिखानी है और युवा शक्ति की राजनीति से आगे बढ़ना है. राहुल बोले कि केंद्र की सरकार हजारों करोड़ रूपये मंरेगा के तहत यूपी सरकार को सेती है. इस पैसे का क्या होता है पता ही नहीं चलता. जब हम गांव में जाकर पूछते है के जॉब कार्ड कितने लोगों के पास नहीं है तो सभी हाथ उठ जाते है, रोज़गार के बारे में पूछते है तो भी यही स्थिति है. राहुल ने कहा के केंद्र की सरकार ने बुंदेलखंड को भी करोड़ों रूपये दिया लेकिन बुंदेलखंड ख़ाली पड़ा है लोग वहां से ग़ायब है, केंद्र शिक्षा के लिए यूपी सरकार से कहती है तो यूपी की सरकार इस से भी इंकार करती है. इस स्थिति को बदलना होगा और युवा शक्ति को की ही आगे आना होगा.

आंबेडकर नगर में राहुल ने अपने भाषण की शुरुआत डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए की. उन्होंने अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण भी किया . भाषण से पहले उन्होंने दस चेतना यात्राओं को हरी झंडी भी दिखाई . इन यात्राओं का समापन इलाहबाद में सोनिया गांधी की मौजूदगी में होगा.

रिपोर्टः सुहेल वहीद,लखनऊ

संपादनः आभा मोंढे

संबंधित सामग्री