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विज्ञान

दमा के इलाज से विकास प्रभावित

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया के करीब 24 करोड़ लोग अस्थमा यानि दमा से जूझ रहे हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं. रिसर्चरों का दावा है कि बच्चों को इनहेलर से दी जा रही अस्थमा की दवा विकास पर बुरा असर डालती है.

'द कॉक्रेन लाइब्रेरी' पत्रिका में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इनहेलर के जरिए दी जाने वाली दवा कॉर्टिकोस्टेरॉयड होती है. इस बारे में वैज्ञानिकों द्वारा किए गए दो शोध यही बताते हैं कि इसके इस्तेमाल से बच्चों का विकास इलाज के पहले साल में 0.5 सेंटीमीटर कम हो सकता है. हालांकि समय गुजरने के साथ विकास पर दवा का असर भी कम होने लगता है.

दमा के इलाज में बच्चों और वयस्कों दोनों को ही स्टेरॉयड इनहेलर दिए जाने को प्राथमिकती दी जाती है. ये दमा के मरीजों को राहत देने में कामयाब भी रहे हैं. स्टेरॉयड इनहेलर की मदद से दमे के कारण होने वाली मौतों को भी कम किया जा सका है. इनकी मदद से न सिर्फ गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को दमा के अटैक में कमी आती है, बल्कि उनकी भीषणता कम होने में भी मदद मिलती है.

लेकिन बच्चों के विकास पर इस दवा का विपरीत असर डॉक्टरों और माता पिता के लिए चिंता का विषय है. ब्राजील की रियो ग्रैंड यूनिवर्सिटी की प्रमुख रिसर्चर लिंजी जांग बताती हैं, "इस बात के प्रमाण हैं कि वे बच्चे जिन्हें हर रोज कॉर्टिकोस्टेरॉयड का इस्तेमाल करना पड़ता है, उनका विकास इलाज के पहले साल में करीब आधा सेंटीमीटर कम होता है."

कितनी दवा सही

शोध के दौरान 18 साल की उम्र तक के करीब 8,471 बच्चों को मिलाकर करीब 25 ट्रायल किए गए. शोध में दमा के इलाज में इस्तेमाल की जा रही सभी कॉर्टिकोस्टेरॉयड शामिल की गईं. इसके बाद विकास पर उनके असर की तुलना नॉनस्टेरॉयड दवाओं से की गई.

मॉन्ट्रियाल यूनिवर्सिटी की फ्रांसीन डूशार्म ने शोध में शामिल दोनों ही तरह के परीक्षणों पर काम किया. उनके अनुसार इन प्रयोगों से हासिल हुई जानकारी बच्चों में दमा और उसके इलाज की दिशा में बेहद काम की है. उन्होंने कहा कि वे और उनके साथ इस रिसर्च पर काम कर रही टीम तो यही चाहेंगे कि जब तक आगे की जानकारी हासिल नहीं हो जाती, दमा के मरीज बच्चों को दवा की बहुत कम मात्रा ही दी जानी चाहिए.

हालांकि कई दूसरे विशेषज्ञों का कहना है कि दवा की वजह से विकास पर प्रभाव बहुत ही कम है, उसकी वजह से इलाज नहीं छोड़ देना चाहिए. ब्रिटेन की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी में पर्यावरण एवं श्वास संबंधी चिकित्सा के प्रोफेसर जॉन आयर्स कहते हैं, "ये शोध उन्हीं बातों की पुष्टि करते हैं जिनके बारे में कई लोग संदेह जता चुके हैं कि स्टेरॉयड सांस में लिए जाने से बच्चों का विकास प्रभावित होता हैं."

एसएफ/आईबी (रॉयटर्स)

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