दक्षिण अफ्रीका में ″बदनाम″ गुप्ता परिवार | दुनिया | DW | 01.08.2017
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दुनिया

दक्षिण अफ्रीका में "बदनाम" गुप्ता परिवार

भारत का गुप्ता परिवार दक्षिण अफ्रीका में भ्रष्टाचार की मिसाल सा बन चुका है. अब एक जर्मन कंपनी पर रिश्वत देने के आरोप लगे हैं और सामने फिर गुप्ता परिवार है.

भारतीय मूल का गुप्ता परिवार, दक्षिण अफ्रीका में बेहद ताकतवर है. उस पर देश की भीतरी राजनीति और नीति निर्माण में दखल देने के आरोप लगते हैं. गुप्ता परिवार के दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा से करीबी रिश्ते हैं. यह माना जाता है कि तीन गुप्ता बंधुओं ने एक सीक्रेट डील के तहत दक्षिण अफ्रीकी की कैबिनेट के चेहरे तय करने में भूमिका निभाई. इसके पीछे कारोबारी हित छुपे थे, जिनका फायदा जुमा के परिवार तक पहुंचना तय था.

लेकिन अब इस विवाद में जर्मनी की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी SAP का भी नाम आ रहा है. एक गैरलाभकारी संस्था एमाभुंगाने के खोजी पत्रकारों ने यह दावा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक SAP दो साल पहले गुप्ता परिवार की मिल्कीयत वाली एक कंपनी ने 70 लाख यूरो की रिश्वत दी. पत्रकारों को लगता है कि रिश्वत की मदद से SAP को सरकारी कंपनी ट्रांसनेट से कारोबार करने का मौका मिला. डील हुई.

Deutschland Zentrale des Software-Herstellers SAP in Walldorf (picture-alliance/dpa/U. Anspach)

रिश्वतकांड की चपेट में SAP

माना जा रहा है कि SAP ने रिश्वत को छिपाने के लिए 10 फीसदी डिस्ट्रीब्यूशन भत्ते की आड़ ली. यह भत्ता 3डी प्रिंटर बनाने वाली कंपनी सीएडी हाउस को दिया गया. भुगतान के बाद रकम का ज्यादातर हिस्सा दूसरी कंपनियों को चला गया. स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा का बेटा दुदुजान जुमा गुप्ता की कंपनी में 10 फीसदी का हिस्सेदार है.

असल में जून में दक्षिण अफ्रीका के मीडिया में 2,00,000 ईमेल लीक हुए. पत्रकारों ने इन्हीं ईमेलों की छानबीन की. एमाभुंगाने की पत्रकार सुजाने कॉमरी कहती हैं, "हमें भरोसा है कि लीक दस्तावेज असली हैं. ईमेल कई कर्मचारियों के हैं, जो गुप्ता (कंपनियों) के लिए करते हैं."

Südafrika - Aufruhr im Parlament (Getty Images/AFP/D. Harrison)

गुप्ता परिवार के दखल के विरोध में प्रदर्शन करते दक्षिण अफ्रीकी सांसद

SAP के अफ्रीका के मैनेजिंग डायरेक्टर ब्रेट पार्कर ने आरोपों को निराधार बताया है. फिलहाल वह छुट्टी पर हैं. SAP यूरोप की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी है. मामले के सामने आने के बाद जर्मनी में कंपनी के मुख्यालय में आंतरिक जांच शुरू हो चुकी है. कंपनी ने दो प्रेस विज्ञप्तियां भी निकाली हैं, जिनके मुताबिक चार मैनेजिंग डायरेक्टरों को हटा दिया गया है. SAP की प्रवक्ता निकोला लेस्के ने डॉयचे वेले को लिखित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी इस मसले पर फिलहाल और ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती है.

कंपनी का कहना है कि सीएडी हाउस को रिश्वत नहीं दी गई बल्कि सेवाओं के लिए मुआवजा दिया गया. लेकिन पत्रकार सुजान कॉमरी इस दलील को नहीं मानतीं.

यह पहला मौका नहीं है कि जब दक्षिण अफ्रीका का गुप्ता परिवार विवादों के केंद्र में हो. राष्ट्रपति जुमा पर जब जब भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, तब तब गुप्ता परिवार का नाम किसी न किसी तरह सामने आता है. लेकिन गुप्ता परिवार इन आरोपों को छवि खराब करने वाला दुष्प्रचार कहता है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गुप्ता परिवार एयर ट्रैवल, एनर्जी, टेक्नोलॉजी और मीडिया से जुड़ा है. परिवार की संपत्ति की सही सही जानकारी नहीं है.

(शर्मनाक हरकतें करने वाली कंपनियां)

रिपोर्ट: मार्टिना श्विकोव्स्की/ओएसजे

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