दक्षिण अफ्रीका में गुप्ता परिवार के घर पर छापे | दुनिया | DW | 14.02.2018
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दुनिया

दक्षिण अफ्रीका में गुप्ता परिवार के घर पर छापे

दक्षिण अफ्रीका में चर्चित गुप्ता परिवार के घर पर पुलिस ने छापे मारे हैं. गुप्ता परिवार राष्ट्रपति जैकब जूमा के करीब समझा जाता है, जिनसे सत्ताधारी एएनसी पार्टी ने पद छोड़ देने को कहा है.

पुलिस का कहना है कि उसने जोहानेसबर्ग में गुप्ता परिवार के घर पर छापे के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में गुप्ता परिवार का नाम आ रहा है और माना जाता है इसी मामले के चलते राष्ट्रपति जूमा की मुश्किलें बढ़ी हैं.

अपराध जांच शाखा के प्रवक्ता हंगवानी मुलाउदजी ने गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है. उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि दो लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी के वारंट थे जिन्हें अपने आपको पुलिस को सौंपना था.

दक्षिण अफ्रीका में "बदनाम" गुप्ता परिवार

दक्षिण अफ्रीका में राष्ट्रपति जूमा को हटाने की तैयारी

Südafrika - Ajay und Atul Gupta bei Pressekonferenz (Imago)

अजय और अतुल गुप्ता (फाइल फोटो)

गुप्ता परिवार दक्षिण अफ्रीका के सबसे अमीर कारोबारी परिवारों में से एक है. उस पर आरोप लगता है कि उसने राष्ट्रपति जूमा के शासनकाल में "देश पर कब्जा" कर लिया. यहां तक कहा जाता है कि उसने अपनी पसंद के लोगों को जूमा की सरकार में मंत्री बनवाया.

गुप्ता परिवार के घर पर छापे से एक दिन पहले ही एएनसी पार्टी ने जूमा से पद छोड़ने को कहा था. इस बारे में जूमा बुधवार को कोई घोषणा कर सकते हैं. एएनसी के महासचिव ऐस मागाशुले का कहना है कि जूमा सैद्धांतिक रूप से इस्तीफा देने को तैयार हो गए हैं. उनके बाद एएनसी के मुखिया सिरील रामाफोसा राष्ट्रपति बन सकते हैं.

जूमा के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामलों के तार गुप्ता परिवार से जुड़े हैं. परिवार पर आरोप है कि उसने सरकार से कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए हैं जिनमें काफी घालमेल है. दक्षिण अफ्रीका की स्टेलेनबॉश यूनिवर्सिटी में राजनीति शास्त्र की प्रोफेसर सुजैन बूयसेन जूमा के बारे में कहती हैं कि खींचतान के बावजूद वह इस्तीफा दे देंगे. उनके मुताबिक, "मुझे लगता है कि वह बहुत गुस्से वाले व्यक्ति हैं और पद से नहीं हटना चाहते हैं. उनकी ताकत पृष्ठभूमि में कहीं न कहीं मंडराती रहेगी."

गुप्ता परिवार के खिलाफ ताजा मामला छोटे स्तर पर चलने वाले डेयरी फार्म से जुड़ा है. गुप्ता परिवार की एक कंपनी ने जैसे ही डेरी फार्म का प्रबंधन संभाला, तो उसे प्रांतीय कृषि विभाग की तरफ से 28.5 लाख डॉलर की राशि मिली. जनवरी में हाई कोर्ट ने फार्म की सारी संपत्ति को सील करने का आदेश दिया. दूसरी तरफ, जूमा और तीन गुप्ता भाई अजय, अतुल, और राजेश इस मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार करते हैं.

एके/एमजे (एएफपी, डीपीए)

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