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दुनिया

थाईलैंड में एक के बाद एक कई बम धमाके

थाईलैंड के अलग-अलग हिस्सों में बम धमाके हुए हैं जिनमें कई विदेशियों समेत दर्जनों लोग घायल हैं. सैन्य सरकार का मानना है कि देश में नए संविधान को लागू करने की कोशिशों का असर है.

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थाईलैंड में बम धमाके

थाईलैंड एक बार फिर सीरियल बम धमाकों से कांप उठा है. शुक्रवार सुबह हुए इन धमाकों में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हैं. ऐसा पहली बार है कि एक साथ देश के अलग-अलग शहरों को निशाना बनाया गया है.

शुक्रवार सुबह हुआ-हिन के एक रिजॉर्ट में धमाका हुआ. 12 घंटे के भीतर हुआ-हिन में यह तीसरा धमाका था. बीती शाम वहां एक के बाद एक दो धमाके हुए थे जिनमें एक व्यक्ति की जान चली गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. घायलों में कई विदेशी टूरिस्ट हैं.

दक्षिणी राज्य सूरत थानी में भी दो धमाके हुए. तरांग में एक और पर्यटकों में लोकप्रिय शहर फुकेट में दो बम धमाके हुए हैं. सेना के जनरल दनाई कृतमेथावी ने बताया, "सब बम धमाकों का तौर-तरीका एक जैसा है. हमें लगता है कि इस बार पूरी योजना के साथ हमला किया गया है."

Tailand - Ministerpräsident Prayuth Chan-ocha

सैनिक शासक प्रयुथ चान ओचा

सैनिक सरकार के प्रमुख चान ओचा ने कहा कि इन धमाकों के मकसद को लेकर वह किसी तरह की अटकलें नहीं लगाना चाहते लेकिन ऐसा लगता है कि धमाकों का मकसद अव्यवस्था फैलाना हो सकता है. उन्होंने कहा, "बम धमाकों का मकसद देश में अव्यवस्था का माहौल बनाना है."

देश में एक हफ्ता पहले ही जनमत संग्रह हुआ है जिसके बाद चुनावों और नए संविधान का रास्ता साफ हो गया है. सैन्य सरकार ने देश में जनमत संग्रह कराया था जिसमें लोगों ने नये संविधान के मसौदे और अगले साल चुनाव कराने के फैसले पर मुहर लगाई. सैन्य सरकार के बनाए संविधान के विरोधियों का कहना है कि इस संविधान में अलोकतांत्रिक तत्वों की भरमार है. उनका आरोप है कि संविधान इस तरह से बनाया गया है कि आने वाले पांच साल तक सत्ता सेना के हाथ में ही बनी रहेगी.

वैसे, थाईलैंड के तीन राज्यों में विद्रोह की स्थिति है जिसकी वजह से वहां बम धमाके होते रहते हैं. लेकिन अब तक ये धमाके इन्हीं तीन मुस्लिम बहुल इलाकों तक सीमित रहे हैं. हालांकि राजधानी बैंकॉक में पिछले साल हुए हमले की यादें अभी तक ताजा हैं. 17 अगस्त 2015 को एक मंदिर में हुए धमाके में 20 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे. मरने वालों में ज्यादातर विदेशी थे. थाई अधिकारियों ने इन धमाकों के आरोप में दो चीनी लोगों को गिरफ्तार किया था और इसी महीने उनके मुकदमे की सुनवाई शुरू हो रही है. हालांकि दोनों आरोपी इन आरोपों को गलत बता चुके हैं.

वीके/एमजे (डीपीए, एएफपी, एपी)

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