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दुनिया

थाइलैंड में शांति की अपील

सम्राट भूमिबोल अदुलयादरेज ने थाइलैंड की जनता से अपील की है कि वे देश में स्थायित्व लाने की कोशिश करें. उन्होंने यह बात अपनी 86वीं वर्षगांठ पर कही, जब देश में सरकार विरोधी रैलियां हो रही हैं.

सड़कों पर कई दिनों से संघर्ष चल रहा है और लोगों की मांग है कि प्रधानमंत्री यिंगलक शिनवात्रा पद छोड़ें. उनका आरोप है कि यिंगलक के भाई थाकसिन शिनवात्रा देश में परोक्ष रूप से शासन चला रहे हैं.

सम्राट के जन्मदिन के उपलक्ष्य में बैंकॉक में बुधवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच अस्थायी समझौता हुआ. थाइलैंड में सम्राट भूमिबोल को बेहद आदर के साथ देखा जाता है. हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कह दिया है कि वे शुक्रवार से एक बार फिर अपना विरोध तेज करेंगे. उन्होंने वित्त मंत्रालय और एक दूसरे सरकारी दफ्तर पर कब्जा जमा रखा है.

Proteste in Thailand gegen die Regierung

सम्राट का सम्मान

इस बीच एक कार्यक्रम में सम्राट ने कहा कि "देश लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है क्योंकि सब कोई मिल कर काम कर रहे हैं." इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री शिनवात्रा के अलावा सेना के शीर्ष अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया. सम्राट ने कहा, "हर थाई नागरिक को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि वह देशहित में काम करे. स्थायित्व और सुरक्षा ही देश हित में हैं." उनका यह संदेश सभी टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित किया गया. उन्होंने मौजूदा स्थिति का जिक्र नहीं किया.

अलग अलग हिस्सों में बंटे देश में सम्राट भूमिबोल को आदर्श माना जाता है. वह आम तौर पर सालाना संदेश जारी करते हैं, लेकिन इस बार के संदेश का बेसब्री से इंतजार था क्योंकि देश में उथल पुथल मची है. समुद्र किनारे उनके महल के पास की सड़कों को साफ किया गया और वहां जमा हजारों लोगों ने सम्राट के दस्तखत वाले टीशर्ट पहने. वहां जमा लोगों ने नारे लगाए, "सम्राट जिंदाबाद" !

सार्वजनिक छुट्टी के दिन किसी तरह का प्रदर्शन या हिंसा थाइलैंड में असम्मान की नजर से देखी जाती है, और इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को शांति बनाए रखी. राजधानी के आलीशान महल के पास सम्राट की एक विशालकाय प्रतिमा बनाई गई. सैकड़ों लोगों ने वहां जमा होकर विशालकाय टीवी स्क्रीन पर जन्मदिन का जश्न मनते देखा. उन्होंने नारे भी लगाए.

लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री यिंगलक टीवी स्क्रीन पर नजर आईं, प्रदर्शनकारी भड़क गए. एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम कल फिर प्रदर्शन करेंगे." 24 नवंबर को शुरू हुए प्रदर्शन में करीब पौने दो लाख लोग शामिल थे, जिनकी संख्या घटती जा रही है. हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कुछ महत्वपूर्ण इमारतों पर कब्जा कर रखा है. और समझा जाता है कि सरकार सेना की भी मदद ले सकती है.

एजेए/एनआर (एएफपी)

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