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मनोरंजन

थाइलैंड की फिल्म को कान में गोल्डन पाम

राजनीतिक उथल पुथल के बीच थाइलैंड की फिल्म ने फ्रांस के प्रतिष्ठित कान समारोह में अलग पहचान बनाई. पुनर्जन्म पर आधारित थाई फिल्म अंकल बूमी हू कैन रिकॉल हिस पास्ट लाइव्स को सबसे बड़ा पुरस्कार दिया गया.

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लाल शर्ट धारी प्रदर्शनकारियों और सरकार की तनातनी की वजह से निर्देशक अपीचातपोंग वीरासेताकुल कान फिल्म समारोह में आ भी नहीं पा रहे थे. लेकिन आखिरकार वह पहुंचे और उनकी फिल्म ने यहां दुनिया भर की फिल्मों को पछाड़ दिया.

Apichatpong Weerasethakul für den besten Film mit der Goldenen Palme ausgezeichnet worden Cannes 63. Filmfestspiele Frankreich Gewinner

थाई निर्देशक अपीचातपोंग वीरासेताकुल

अंकल बूमी हू कैन रिकॉल हिस पास्ट लाइव्स का निर्देशन करने वाले वीरासेताकुल ने गोल्डन पाम जीतने के बाद कहा, "मुझे लगता है कि थाइलैंड को कुछ उम्मीद की किरणों की दरकार है. वहां अलग अलग विचारधाराओं का जो टकराव हो रहा है, हम उससे बहुत दुखी हैं."

पुरस्कार जीतने वाली फिल्म में अंकल बूमी की कहानी है, जिन्हें एक घर में गोली मार दी जाती है और जो बिखरे बालों वाली आत्माओं से बात करते रहते हैं.

कान फिल्म समारोह में जूरी प्रमुख अमेरिका के टिम बर्टन ने इस फिल्म को एक 'खूबसूरत और अजीब सपना' बताया. उन्होंने कहा, "दुनिया छोटी होती जा रही है और फिल्में पश्चिम या हॉलीवुड की तर्ज पर बनती जा रही हैं. यह एक ऐसी फिल्म थी, जिसे देख कर मुझे लगा कि मैं वाकई किसी दूसरे देश का सिनेमा देख रहा हूं, किसी और नजरिए से फिल्म देख रहा हूं."

Flash-Galerie Filmfestspiele Cannes 2010

अमेरिकी निर्देशक टिम बर्टन इस बार कान फिल्म समारोह के प्रमुख जूरी की हैसियत से शामिल

वीरासेताकुल ने कई और फिल्म समारोहों में भी शिरकत किया है लेकिन उन्हें वहां बड़ा पुरस्कार नहीं मिल पाया. लेकिन यहां उन्होंने माइक ली जैसे फिल्मकारों को भी पछाड़ दिया, जिन्हें 1996 में गोल्डन पाम पुरस्कार मिला था. इस बार ली की फिल्म अनदर ईयर प्रतियोगिता में थी.

Frankreich Filmfestival in Cannes 2010 Gebäude Flash-Galerie

फ्रांसीसी फिल्म निर्देशक जेवियर ब्योवी को उनकी फिल्म डेस होमेस एट डेस ड्यू के लिए ग्रां प्री पुरस्कार दिया गया. जूरी पुरस्कार चाड के महमत सालेह हारून को उनकी फिल्म उन होमे क्यू क्राई के लिए मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ निर्देशक फ्रांस के ही मथाऊ अमारलिक को टोर्नी के लिए दिया गया. मेक्सिको के खावियर बारडेम को बीयूटीफुल के लिए बेहतरीन अभिनेता और फ्रांस की जूलियट बिनोशे को ईरानी फिल्मकार अब्बास कियारोस्तमी की फिल्म कॉपी कॉन्फॉर्मे में काम करने के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया.

Flash-Galerie Filmfestspiele Cannes 2010

पुरस्कार समारोह के साथ ही फ्रांस के कान शहर में 12 दिनों का फिल्मी मेला खत्म हो गया. यहां भारतीय फिल्मकारों मणिरत्नम और ऐश्वर्या राय के अलावा मल्लिका शेरावत का भी जलवा रहा, जबकि शेखर कपूर जूरी में शामिल थे. रसल क्रो की बहुचर्चित रॉबिन हुड से समारोह की शुरुआत हुई थी. हालांकि यह फिल्म पुरस्कारों की होड़ में नहीं थी.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल

संपादनः एस गौड़

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