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मनोरंजन

तो नई मूंछ लगवा लें

हमाम, कॉफी और खूबसूरत मस्जिदों के लिए मशहूर तुर्की अब अपनी खासियतों में एक चीज और जोड़ रहा है और वह है, मूंछ.

तुर्की सहित मध्यपूर्व और यहां तक कि भारत में मूंछ मर्दानगी का प्रतीक है और एक संवेदनशील मुद्दा भी. इतना की जिन लोगों की मूंछों में कम बाल होते हैं वे मूछों का ट्रांसप्लांट करवा रहे हैं, तुर्की कॉस्मेटिक सर्जनों के पास.

सेलाहात्तिन तुलुने एक कॉस्मेटिक सर्जन हैं और उनकी खासियत सिर के बालों का प्रत्यारोपण है. लेकिन अब उनके यहां मूंछों के बालों का ट्रांसप्लांट करवाने वालों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. उन्होंने खुद को इस ट्रेंड के लिए ढाल लिया है. "मैं करीब तीन साल से मूंछें ट्रांसप्लांट कर रहा हूं. कई पुरुष मेरे पास आते हैं और कहते हैं कि वे 40 साल के हैं. बड़ी कंपनी के प्रमुख हैं, कोई उन्हें विदेशों में गंभीरता से नहीं लेता. वह चाहते हैं कि लोग देखें कि उनके भी बाल हैं."

30 साल के एंगिन कोक लंबे समय तक क्लीन शेव रखते थे लेकिन सपनों वाली मूंछे आखिरकार उन्हें मिल ही गईं. "मैं पुराने तुर्कियों जैसा दिखना चाहता था, उस्मानी शासकों की तरह, क्योंकि मुझे पुराने दिन अच्छे लगते हैं और वो दौर भी. तो मैंने इंप्लांट करवा लिया." वह मूंछ को 'तुर्क पौरुष का प्रतीक' मानते हैं.

मूंछें तुर्की के लिए गंभीर मुद्दा रहा है. यहां एक कहावत काफी मशहूर है कि बिना मूंछो का आदमी, जैसे बिना बालकनी का घर और मूंछों के आकार का तो राजनीतिक अर्थ भी है. इस्तांबुल में फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ एनेतोलियन स्टडीज के मानव विज्ञानी बेनोआ फ्लीश कहते हैं, "स्टालिन की झाड़ी स्टाइल की मूंछ वाम या कुर्द लोगों की तुलना में प्रगतिशील है. अगर वो प्रधानमंत्री रिचेप तैयप एर्दोआन की तरह साफ सुथरी है तो उसका मतलब व्यक्ति धार्मिक और रुढ़िवादी है." अगर यह होठों के दोनों तरफ तीखे दांत की तरह नीचे आ रही हो तो यह कट्टर दक्षिणपंथी होने की निशानी है."
हालांकि बड़े शहरों में विदेशी फैशन पसंद करने वाले लोगों को मूंछे कम पसंद आती है. ये अरब देशों और मध्य एशिया के तुर्की गणतंत्र में रहने वाले लोगों की ही पसंद है. कॉस्मेटिक सर्जन तुलुने कहते हैं, "अरब देशों में दिखाए जाने वाले तुर्की टीवी सीरियल वहां के लोगों को काफी प्रभावित करते हैं और हमारे इन अदाकारों को देख कर इन मरीजों को उन्हीं की तरह मूंछे या दाढ़ी रखने की इच्छा होती है."

मूंछे चाहने वाले लोग चेहरे के बालों के बाजार का केंद्र हैं. इस्तांबुल में ही करीब 250 निजी क्लिनिक हैं जहां ये ट्रांसप्लांट किया जाता है और इनकी आपस में कड़ी टक्कर भी है. अधिकतर क्लिनिक ट्रैवल एजेंसियों के साथ जुड़े हुए हैं और ये ऑपरेशन, होटल और एयरपोर्ट पिकअप का एक पैकेज बनाकर देते हैं. ऐसे एक पैकेज में 2,000 यूरो यानी करीब सवा लाख रुपये लग जाते हैं.

इसलिए हेयर टूरिज्म पूरे जोर पर है और तुर्की आने वाले विदेशियों की संख्या के साथ फल फूल रहा है. पिछले साल करीब 3,50,000 लोगों ने मूंछे ट्रांसप्लांट करवाईं.

इस्तांबुल हेयर सेंटर में सर्जन मेराल ताला के मुताबिक, "हर सप्ताह हम हेयर ट्रांसप्लांट के लिए करीब 50-60 मरीजों को लेते हैं जिनमें से पांच छह मूंछों के लिए आते हैं. पहले की तुलना में यह संख्या काफी ज्यादा है. और मांग में बढ़ोतरी की उम्मीद भी."

एएम/एमजी (एएफपी)

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