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दुनिया

तुर्की में ‘रेप को जायज’ ठहराने वाला बिल वापस

तुर्की की सरकार ने उस विवादास्पद बिल को वापस ले लिया है जिसे आलोचक यौन अपराधों को जायज ठहराने वाला कदम बता रहे थे. तुर्की के प्रधानमंत्री ने बिल को न्याय आयोग के पास भेजते हुए इस पर फिर से विचार करने को कहा है.

इस बिल में कहा गया है कि अगर नाबालिग से बलात्कार के मामले में सजा काट रहा कोई व्यक्ति पीड़ित से शादी करने को तैयार है तो उसे जेल से रिहा किया जा सकता है. इसके लिए शर्त ये है कि यौन संबंध बनाते समय किसी बल या धमकी का प्रयोग न किया गया हो. लेकिन आलोचकों का कहना है कि इस बिल से ना सिर्फ बलात्कार के मामलों में न्याय की राह मुश्किल होगी बल्कि इससे बाल विवाहों को भी बढ़ावा मिलेगा.

तुर्की की धर्मनिरपेक्ष विपक्षी पार्टियां और महिला और बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने तुर्की की सरकार के प्रस्ताव का तीखा विरोध किया है. वीकेंड पर तुर्की में बहुत से लोगों ने इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया.

देखिए ऐसे तय होता है कि रेप हुआ या नहीं

हालांकि सरकार का कहना है कि यह बिल बलात्कारियों को माफी देने के लिए नहीं है. तुर्की के राष्ट्रपति रैचेप तैयब अर्दोआन ने सभी पार्टियों से इस बिल पर सहमति बनाने को कहा है. प्रधानमंत्री बिनाली इल्दरिम ने कहा, "हम इस बिल पर व्यापक सहमति बनाने के लिए इसे वापस न्याय आयोग के पास भेज रहे हैं और हम विपक्षी पार्टियों से भी अपना प्रस्ताव तैयार करने को कहते हैं.”

मुख्य विपक्षी पार्टी सीएचपी ने इस बिल को पूरी तरह वापस लेने की मांग की है और उसने इसके खिलाफ संवैधानिक अदालत तक जाने की बात कही है. लेकिन तुर्की की सरकार का कहना है कि वो तो उन परिवारों की मदद कर रही है जिनके सदस्य ऐसे मामलों में फंसे हैं और जो बलात्कारी नहीं हैं बल्कि उन्हें बस कानून के बारे में नहीं पता था.

रेप के लिए कहां कितनी सजा है, देखिए

तुर्की में सहमति से यौन संबंध बनाने की उम्र 18 साल है लेकिन कई अदालतें 16 साल की उम्र में भी शादी की मंजूरी देती हैं. बहुत से ऐसे लोग इस्लामी तरीकों से शादी कर रहे हैं.

एके/वीके (डीपीए, एएफपी)

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